Summer express, लुधियाना। पंजाब के लुधियाना के गांव संगोवाल स्थित अंबेरा ग्रीन फ्लैट्स में पारिवारिक विवाद के दौरान एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी, दो बेटों और ससुर पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में चारों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए एसपीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें 14 वर्षीय बड़े बेटे की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। वहीं, बुजुर्ग ससुर की छाती पर भी चाकू से गहरा घाव लगा है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, शिवाली और उसके पति संदीप के बीच काफी समय से घरेलू विवाद चल रहा था। आरोप है कि संदीप अक्सर पत्नी के साथ मारपीट करता था, बच्चों को स्कूल जाने से रोकता था और कई बार फ्लैट पर ताला लगा देता था। मंगलवार को विवाद सुलझाने के उद्देश्य से शिवाली के पिता सुदर्शन सिंह अंबेरा ग्रीन फ्लैट्स पहुंचे थे। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। समझौते की सहमति बनने के बाद सुदर्शन सिंह ने शर्तों को लिखित रूप में दर्ज कराने की बात कही।
आरोप है कि शिवाली जब समझौते की शर्तें लिखवाकर फ्लैट में वापस पहुंची तो संदीप ने कागजात देखकर आपा खो दिया। बताया जा रहा है कि उसके हाथ में धारदार चाकू था। इसके बाद उसने परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। हमले में सबसे पहले 14 वर्षीय बड़े बेटे शिवोहम उर्फ ओशो को चाकू से कई वार किए गए। उसके सिर, पेट और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, उसके एक फेफड़े में खून जमा होने के कारण उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। फेफड़े से खून निकालने के लिए चेस्ट ट्यूब डालने की प्रक्रिया भी की जा रही है।
बीच-बचाव करने पहुंचे सुदर्शन सिंह की छाती पर भी चाकू से गहरा वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, शिवाली की गर्दन पर हमला किया गया, जबकि छोटे बेटे मलिक साहिब सिंह की पीठ पर चाकू से कई वार किए गए। छोटे बेटे को गंभीर चोटें आई हैं और चिकित्सकों को घावों पर कई टांके लगाने पड़े। पत्नी और छोटे बेटे की हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है।
फ्लैट में रहने वाली योगिता के अनुसार, घटना के दौरान शिवाली ने उन्हें फोन कर मदद की गुहार लगाई थी। उसने बताया कि संदीप उसके पिता और दोनों बच्चों पर भी चाकू से हमला कर रहा है। इसके बाद पड़ोसी मौके पर पहुंचे और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। स्थानीय लोगों की मदद से चारों घायलों को एंबुलेंस के जरिए एसपीएस अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ पड़ोसियों ने आरोप लगाया कि पुलिस सूचना मिलने के काफी समय बाद घटनास्थल पर पहुंची।
पड़ोसी चमनदीप सिंह और शिवाली के भाई दीक्षित लड्डा ने आरोप लगाया कि संदीप के कथित हिंसक व्यवहार के कारण परिवार पहले से ही परेशान था और इस संबंध में पहले भी पुलिस को शिकायतें दी गई थीं। चमनदीप सिंह के मुताबिक, जब वह दफ्तर से लौटे तो इलाके में चीख-पुकार मची हुई थी। स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि हमले के बाद आरोपी ने मदद के लिए पहुंचे पड़ोसियों को जान से मारने की धमकियां दीं। परिजनों और क्षेत्रवासियों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।
घटना की सूचना मिलने के बाद मराडो पुलिस चौकी की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी। एएसआई तरसेम सिंह ने बताया कि अंबेरा ग्रीन फ्लैट्स में धारदार हथियार से एक ही परिवार के चार लोगों को घायल किए जाने की सूचना मिली थी। जांच अधिकारी एएसआई हरबंस सिंह पुलिस टीम के साथ एसपीएस अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से घायलों की स्थिति की जानकारी ली। पुलिस के अनुसार, घायलों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के तथ्यों और बयानों के आधार पर की जाएगी।