नई दिल्ली | देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि वह वित्त वर्ष 2026 तक अपने वैश्विक वर्कफोर्स में करीब 2% की कटौती करने जा रही है। इस फैसले से लगभग 12,000 मिड और सीनियर लेवल के कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं।
AI और टेक्नोलॉजी की ओर शिफ्ट, बदले काम के तरीके
TCS के CEO के. कृतिवासन ने बताया कि नई तकनीकों, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के चलते काम करने के तरीके बदल रहे हैं। कंपनी अब अधिक एजाइल और फ्यूचर-रेडी संगठन की दिशा में बढ़ रही है।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई कर्मचारियों की redeployment (पुनः तैनाती) की प्रक्रिया सफल नहीं रही, जिसके चलते यह फैसला जरूरी हो गया।
फेज़-वाइज़ होगी छंटनी, जूनियर्स की हायरिंग जारी रहेगी
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह छंटनी एक चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत होगी और इसका असर जूनियर कर्मचारियों और फ्रेशर्स पर नहीं पड़ेगा। TCS का मानना है कि नए टैलेंट की भर्ती से टीम में संतुलन बना रहेगा और भविष्य की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।