नई दिल्ली | विदेश यात्रा, पढ़ाई या कारोबार की योजना बनाते समय हम अक्सर डॉलर, यूरो और पाउंड जैसी मजबूत मुद्राओं को लेकर सोचते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कुछ देश ऐसे भी हैं जहां भारतीय रुपया इतना मजबूत है कि महज 100 रुपये वहां लाखों की कीमत पा लेते हैं?
ईरानी रियाल: दुनिया की सबसे कमजोर करेंसी
ईरान की करेंसी ‘ईरानी रियाल’ इस समय दुनिया की सबसे कमजोर मुद्रा मानी जाती है। फोर्ब्स की 2024 रिपोर्ट के मुताबिक, 1 भारतीय रुपया = 488 ईरानी रियाल। यानी भारत के 100 रुपये वहां करीब 48,800 रियाल और 1,000 रुपये तकरीबन 4.88 लाख रियाल के बराबर हैं।
क्या वजह है इतनी कमजोरी की?
ईरान की करेंसी के इस स्तर तक गिरने के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
- ईरान-इराक युद्ध का दीर्घकालिक प्रभाव
- परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध
- राजनीतिक अस्थिरता और गिरता विदेशी मुद्रा भंडार
इन सबने मिलकर ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर किया, जिसका सीधा असर उसकी मुद्रा पर पड़ा।
ऐसे और भी देश जहां भारतीय रुपया है ताकतवर
ईरान ही नहीं, कई और देश हैं जहां भारतीय मुद्रा को जबरदस्त ताकत मिलती है:
- वियतनाम – 1 रुपया = 299 वियतनामी डोंग
- इंडोनेशिया – 1 रुपया = करीब 185 इंडोनेशियाई रुपिया
- सिएरा लियोन – 1 रुपया = सैकड़ों लियोन
- लाओस – 1 रुपया = लगभग 240 लाओ किप
- उज्बेकिस्तान – 1 रुपया = करीब 150 उज्बेक सोम
इन देशों में भारतीय मुद्रा की क्रय शक्ति इतनी अधिक होती है कि वहां घूमना या रहना भारतीय नागरिकों के लिए बेहद सस्ता साबित हो सकता है।
कमजोर करेंसी का असर क्या होता है?
जब किसी देश की मुद्रा कमजोर होती है, तो इसका असर सीधा उसकी जनता की जिंदगी पर पड़ता है:
- रोजमर्रा की चीज़ें महंगी होती हैं
- विदेशी सामान और तकनीक आयात करना खर्चीला हो जाता है
- जीवन स्तर में गिरावट आती है
- आम लोगों की क्रय शक्ति घट जाती है
क्या कारण हैं मुद्रा के कमजोर होने के?
- बढ़ती महंगाई (Inflation)
- विदेशी निवेश में गिरावट
- राजनीतिक अस्थिरता
- व्यापार घाटा
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध