नई दिल्ली | देश की प्रमुख विमानन कंपनी Air India एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की वार्षिक सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट में एयर इंडिया के संचालन में 51 गंभीर खामियां पाई गई हैं। इनमें से 7 खामियों को ‘सीरियस लेवल-1’ श्रेणी में रखा गया है, जिन्हें 30 जुलाई तक सुधारने के आदेश जारी किए गए हैं।
DGCA की रिपोर्ट में क्या-क्या खुलासे हुए?
ऑडिट के दौरान पायलटों की अधूरी ट्रेनिंग, पुराने प्रशिक्षण मैनुअल, अयोग्य सिमुलेटर, और अप्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा उड़ान शेड्यूल प्रबंधन जैसी बड़ी खामियां उजागर हुई हैं। DGCA ने स्पष्ट किया कि कम दृश्यता में उड़ान संचालन के लिए जरूरी अनुमतियों में भी लापरवाही बरती गई है।
कब तक सुधारने होंगे हालात?
- 7 गंभीर खामियां: 30 जुलाई तक दुरुस्त करनी होंगी
- बाकी 44 खामियां: 23 अगस्त तक सुधार की डेडलाइन
- सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का दस्तावेजी प्रमाण भी एयर इंडिया को DGCA को सौंपना होगा
पहले भी भेजे गए थे नोटिस
DGCA ने 23 जुलाई को ही एयर इंडिया को तीन कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। इससे पहले संसद में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया था कि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर विमान तक को रोकने में देर नहीं की जाएगी।
DGCA का सख्त रुख
DGCA ने साफ किया है कि सुरक्षा में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना, चेतावनी या निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है। यह कदम दिखाता है कि एयरलाइन की प्रतिष्ठा पर अब सरकारी नजर पैनी हो चुकी है।