Shimla, Sanju
5 अगस्त को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा क़ब्जाधारियों को बेदख़ली संबंधी दिए गए फैसले पर सेब उत्पादक संघ ने नाराज़गी जताई है। संघ के सह संयोजक संजय चौहान ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाए और नीति में ज़रूरी संशोधन कर छोटे किसानों और आम परिवारों को राहत दी जाए।
संजय चौहान ने कहा कि अगर बड़े उद्योगपतियों को सरकारी राहत दी जा सकती है, तो छोटे किसानों को भी उनका संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। इस मुद्दे पर राज्य के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा है कि मामले का अध्ययन कर उचित कदम उठाया जाएगा।
संजय चौहान का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में 68% क्षेत्र वन भूमि है और खेती योग्य ज़मीन की कमी है। ऐसे में राज्य सरकार के पास नीति निर्धारण की शक्ति है, जिसका इस्तेमाल कर 1.63 लाख से अधिक प्रभावित परिवारों को राहत दी जा सकती है।उन्होंने केंद्र सरकार से भी अपील की है कि जैसे बड़े कॉरपोरेट्स को वन भूमि पर प्रोजेक्ट लगाने की अनुमति मिलती है, वैसे ही आम लोगों को भी वैसी ही राहत दी जाए।