वाशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते पर भारी संकट मंडराने लगा है। ट्रंप का यह कदम भारत पर दबाव बनाने की कोशिश माना जा रहा है, लेकिन अमेरिका के अंदर ही इस फैसले की जमकर आलोचना हो रही है।
अमेरिकी सीनेटर और हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के डेमोक्रेट्स ने ट्रंप के इस टैरिफ फैसले को भारत-अमेरिका संबंधों के लिए गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि इतनी महीनबारी से बनाए गए दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। साथ ही, वे जोर देकर कहते हैं कि किसी भी व्यापारिक विवाद का समाधान सम्मान और समझदारी से किया जाना चाहिए।
डेमोक्रेट्स ने सोशल मीडिया पर अमेरिकी रिप्रजेंटेटिव ग्रेगरी मीक्स के बयान को साझा करते हुए कहा कि ट्रंप की नीति अमेरिका-भारत साझेदारी को कमजोर कर रही है, जो वर्षों की कड़ी मेहनत से बनी है।
वहीं, ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक टैरिफ विवाद का हल नहीं निकलेगा, भारत के साथ कोई नई ट्रेड डील नहीं होगी। ट्रंप सरकार ने 7 अगस्त से भारत से आयातित सामान पर 25 फीसदी टैरिफ लागू कर दिया है, और अगले 21 दिनों में यह बढ़ाकर कुल 50 फीसदी कर दिया जाएगा। भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि वह अमेरिका के आर्थिक दबाव में नहीं आएगा और देश के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। यह विवाद दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों पर बड़ा असर डाल सकता है और भविष्य की साझेदारी को भी चुनौती दे रहा है।