नई दिल्ली | पूर्व केंद्रीय मंत्री और सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना की गंभीर स्थिति उजागर की है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों को बकाया बिलों का भुगतान न होने के कारण कई अस्पतालों ने गरीब मरीजों का इलाज रोक दिया है। खासतौर पर पिछले पांच महीने से भुगतान रुका हुआ है, जिससे प्रदेश में हालात चिंताजनक हो गए हैं।
सैलजा ने लोकसभा में दिए गए अपने सवाल के जवाब का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा में अब तक 1.35 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं और 26.25 लाख भर्ती की मंजूरी मिली है, जिनका कुल मूल्य लगभग 3990 करोड़ रुपये है। इसके बावजूद, राज्य सरकार भुगतान प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही कर रही है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि केंद्र सरकार ने योजना के लिए हरियाणा को अब तक 607.73 करोड़ रुपये जारी किए हैं, लेकिन राज्य सरकार द्वारा समय पर भुगतान न होने से करीब 500 करोड़ रुपये का भुगतान निजी अस्पतालों को बकाया है। इससे 7 अगस्त से कई अस्पतालों ने आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज बंद कर दिया है, जिससे मरीजों में हड़कंप मचा हुआ है।
सैलजा ने कहा कि योजना के नियमों के मुताबिक अस्पतालों को 15 दिनों के अंदर भुगतान होना चाहिए, लेकिन देरी से मरीज और अस्पताल दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से कहा कि फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कड़ा निगरानी तंत्र बनाए और पारदर्शी भुगतान प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा, सैलजा ने सिरसा जिले के नशा मुक्त बताए गए नहराना गांव की भी चिंता जताई, जहां 300 से अधिक युवा नशे की गिरफ्त में हैं और हाल ही में एक युवक की नशे से मौत हुई है। उन्होंने भाजपा सरकार की नशा मुक्ति की नीतियों को केवल दिखावटी करार दिया और वास्तविक नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि वह इस मुद्दे को सदन और सार्वजनिक मंचों पर लगातार उठाती रहेंगी ताकि हरियाणा के गरीबों को समय पर इलाज और सुरक्षा मिल सके।