चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने पैनल में शामिल निजी अस्पतालों को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। यदि कोई अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों का इलाज करने से इनकार करता है, तो उसे पैनल से हटाने और लाइसेंस निलंबित करने जैसी सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। स्टेट हेल्थ एजेंसी (एसएचए) की सीईओ संगीता तेतरवाल ने कहा कि मरीजों का इलाज रोकने वाले अस्पतालों के खिलाफ जुर्माना भी लगाया जाएगा।
हालांकि, प्रदेश के कई निजी अस्पताल दूसरी बार लगातार हड़ताल पर हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) हरियाणा शाखा के आह्वान पर डॉक्टर बकाया भुगतान की मांग को लेकर सभी 22 जिलों में सेवाएं बंद किए हुए हैं। इस कारण आयुष्मान योजना के तहत कई जिलों में ऑपरेशन और इलाज रुक गए हैं।
एसएचए का कहना है कि आईएमए और निजी अस्पतालों की कई मांगों पर पहले ही विचार कर समाधान किया जा चुका है। कई अस्पतालों ने हड़ताल में शामिल होने से इनकार किया है और योजना के तहत सेवाएं जारी रखने की बात कही है। सरकार का दावा है कि सात अगस्त को ही 2.5 करोड़ रुपये के क्लेम मिल चुके हैं, जबकि आईएमए का आरोप है कि यह पुराने क्लेम हैं और नए मरीजों का इलाज रोक रखा है।
इस तरह विवाद जारी है और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार और निजी अस्पतालों के बीच जल्द समाधान की उम्मीद बनी हुई है।