Shimla, 20 August
विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन रोज़गार का मुद्दा गरमा गया। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने सरकार से अब तक दी गई नौकरियों का ब्यौरा मांगा।विपक्षी विधायकों विपिन परमार और सतपाल सत्ती ने सवाल उठाए कि कांग्रेस सरकार ने अब तक कितनी नौकरियां दी हैं। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने विभिन्न विभागों में भर्तियों की प्रक्रिया गिनानी शुरू की। विपक्ष ने ठोस आंकड़े मांगे और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सदन में झूठे आंकड़े पेश कर रहे हैं। नाराज़ विपक्षी विधायक नारेबाज़ी करते हुए सदन से वॉकआउट कर गए।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि जुलाई 2024 में मुख्यमंत्री ने सदन में 34,980 नौकरियां देने का दावा किया था, जबकि 15 अगस्त के भाषण में केवल 23,191 नौकरियों का ही उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि शेष 11 हज़ार नौकरियां कहां गईं। ठाकुर ने आरोप लगाया कि ढाई साल के कार्यकाल में सरकार ने युवाओं को रोजगार देने में पूरी तरह विफलता पाई है।उन्होंने कहा कि सरकार नौकरी के नाम पर प्रशिक्षण आधारित योजनाएं ला रही है, जिसमें दो साल की सेवा के बाद पुनः परीक्षा देनी होगी। इसे युवाओं के साथ मज़ाक करार देते हुए ठाकुर ने आउटसोर्स भर्ती में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 5 साल में 5 लाख नौकरियां और पहले ही कैबिनेट में 1 लाख नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन डेढ़ लाख से अधिक नौकरियों का हिसाब तक नहीं दिया जा रहा।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह झूठ बोलते हैं। ढाई साल में ढाई लाख नौकरियां देने का वादा था, लेकिन हकीकत यह है कि युवाओं को ठोस लाभ नहीं मिला। आउटसोर्स भर्ती और कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम से युवाओं के साथ धोखा हो रहा है।