Dharamshala, Rahul
हाल ही में चंबा ज़िले में आई प्राकृतिक आपदा ने मणिमहेश यात्रा के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं को मुश्किल में डाल दिया था। भारी बारिश के कारण न सिर्फ भरमौर और आसपास के क्षेत्रों की सड़कें और संचार व्यवस्था ठप हो गई, बल्कि यात्रियों का अपने परिजनों से संपर्क भी टूट गया था। हालात ऐसे बने कि कई यात्रियों को पैदल ही सफ़र करना पड़ा।
8 दिन में 8,500 से अधिक लोगों को पहुंचाया सुरक्षित ठिकाने
इसी दौरान प्रदेश की पब्लिक ट्रांसपोर्ट हिमाचल रोडवेज़ (HRTC) यात्रियों के लिए जीवन रेखा बनकर सामने आई। धर्मशाला ज़ोन के मंडलीय प्रबंधक पंकज चड्ढा ने जानकारी दी कि जिला प्रशासन चंबा की मांग पर HRTC ने तुरंत मोर्चा संभाला।29 अगस्त से 6 सितंबर तक चले इस विशेष अभियान में HRTC की 196 बसों ने 8,518 यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्यों तक मुफ़्त पहुंचाया। यात्रियों को चंबा, बग्गा, करियां और कल्सुईं जैसे स्थानों से उठाकर पठानकोट, कांगड़ा, देहरा, नादौन, लदरौर और लंगेरा तक पहुँचाया गया।
पंकज चड्ढा ने कहा कि इस मिशन में चंबा डिपो के कर्मचारियों ने दिन-रात बिना रुके काम किया। न तो किसी ने सेवाओं से पीछे हटने की कोशिश की और न ही बसों में कोई बड़ी तकनीकी दिक्कत आई। जरूरत पड़ने पर बसें हर समय मौके पर मौजूद रहीं।उन्होंने बताया कि वह खुद ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहे और अभियान का नेतृत्व किया। मिशन तब तक जारी रहा जब तक चंबा जिला प्रशासन ने इसे समाप्त करने की अधिसूचना नहीं दी।