पंचकुला। शालीमार ग्राउंड, सेक्टर-5 में चल रही आदर्श रामलीला के 45वें वर्ष के मंचन का ग्यारहवां दिवस रोमांच और भावनाओं से भरपूर रहा। मंगलवार रात बारिश के कारण अधूरी रह गई लीला को बुधवार को पूरा किया गया।
मंचन की शुरुआत श्रीराम द्वारा कुंभकर्ण वध से हुई। इसके बाद रावण ने मेघनाथ को युद्ध में भेजा, जहां लक्ष्मण ने उसे परास्त कर दिया। इसके उपरांत रावण ने अहिरावण को बुलाया, जिसने विभीषण का रूप धरकर राम-लक्ष्मण को बंदी बना लिया। लेकिन हनुमान जी समय पर पहुंचे और अहिरावण का वध किया।
इसके बाद रणचंडी ने रावण को समझाने का प्रयास किया, लेकिन रावण ने पीछे हटने से इंकार कर दिया। अंतिम दृश्य में राम और रावण का युद्ध दर्शाया गया, जिसे देखकर दर्शक भाव-विभोर हो उठे।
मुख्य कलाकारों का शानदार अभिनय
राम की भूमिका सौरभ शर्मा ने निभाई, लक्ष्मण की राहुल चौहान और लविश अरोड़ा ने, रावण की भूमिका रोबिन सक्सेना ने, हनुमान की गौतम शर्मा ने, कुंभकर्ण की अभिजीत ने, मेघनाथ की शंकर दत्ता ने, अहिरावण की कृष्ण चौहान ने और विभीषण की भूमिका राजीव बांगा ने जीवंत कर दी।
दशहरे की तैयारियां
रामलीला समिति के श्री प्रदीप कंसल और अमित गोयल ने बताया कि आगामी 2 अक्टूबर को दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों का दहन पॉल्यूशन-फ्री पटाखों के साथ किया जाएगा। पंचकुला वासियों को इस भव्य आयोजन में परिवार सहित सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया गया है।