चंडीगढ़ | बरवाला स्थित सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल और उनके सहयोगियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अवमानना मामले में माफी मांगने की इच्छा जताई है। उनके वकील ने अदालत को बताया कि सभी आरोपियों को अपने कृत्य पर गहरा पछतावा है और वे भविष्य में किसी भी परिस्थिति में ऐसी गलती न दोहराने का वचन देते हैं। साथ ही उन्होंने अदालत की गरिमा और आदेशों का पूर्ण सम्मान करने का आश्वासन भी दिया।
यह मामला 2014 का है, जब हाईकोर्ट ने रामपाल और उनके सहयोगियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की थी। उस समय पुलिस रामपाल को गिरफ्तार करने सतलोक आश्रम पहुंची, लेकिन भारी संख्या में अनुयायियों ने गिरफ्तारी का विरोध किया।
इस दौरान आश्रम के मुख्य द्वार पर लगभग 600 महिलाएं और बच्चे बैठाए गए थे, जबकि हजारों युवक लाठी, बम और अन्य हथियार लेकर छतों पर तैनात थे और पुलिस को धमकाते हुए भारी संघर्ष किया। इस घटना के दौरान आश्रम और पुलिस के बीच कई हिंसक झड़पें भी हुई थीं।