पाकिस्तान | पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। बीते कुछ दिनों में स्थानीय सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 12 लोग मारे गए हैं। मृतकों का केवल इतना “अपराध” था कि वे पानी, बिजली, आटा-चावल जैसी बुनियादी सुविधाओं और टैक्स/सब्सिडी राहत की मांग कर रहे थे। इसके अलावा कई लोग घायल हुए हैं और हजारों प्रदर्शनकारी सीमा पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
सड़कों पर प्रदर्शन और बंदी
सेहंसा में नागरिक हत्याओं के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। अर्जा पुल पर नाकेबंदी के कारण आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई, जबकि कोटली कस्बा बंद रहा। लोगों ने अपने गुस्से को प्रशासन और सरकार के खिलाफ खुलकर व्यक्त किया।
विदेशों में भी विरोध प्रदर्शन
PoK की बढ़ती अस्थिरता के कारण प्रदर्शनकारी मुजफ्फराबाद तक पहुंचे हैं। वहीं ब्रिटेन में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर युवाओं ने तंबू लगाकर अनशन शुरू किया। उनका कहना है कि जब तक PoK में इंटरनेट और कॉलिंग सेवाएं बहाल नहीं होंगी, वे अनशन जारी रखेंगे।
इंटरनेट और कॉलिंग बंद, असंतोष बढ़ा
PoK में पिछले 96 घंटे से इंटरनेट और कॉलिंग सेवाएं पूरी तरह बंद हैं। इस कदम ने स्थानीय लोगों के असंतोष को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में विरोध-प्रदर्शन जल्द थमने की संभावना नहीं है।