गाजा | गाजा संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ‘गाजा पीस प्लान’ पेश किया है। ट्रंप ने कहा, “अब समय आ गया है कि राजनीति से ऊपर उठकर इंसानियत को प्राथमिकता दें। गाजा के निर्दोष नागरिकों को और पीड़ा झेलनी न पड़े।” इस योजना का उद्देश्य इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम स्थापित कर मानवीय राहत बहाल करना है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “गाजा में शांति प्रयासों में निर्णायक प्रगति के बीच भारत ट्रंप के नेतृत्व का स्वागत करता है।”
भारत का दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत शांति की दिशा में किए गए सभी प्रयासों का दृढ़ समर्थन करता रहेगा। विश्व में स्थायी शांति केवल संवाद से ही संभव है, संघर्ष से नहीं।” उन्होंने कहा कि हमास द्वारा इजरायली बंधकों की रिहाई सकारात्मक संकेत है और यह क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में उम्मीद की किरण है। भारत ने पहले ही गाजा में मानवीय सहायता भेजने की घोषणा की थी, जिसमें दवाइयां, खाद्य सामग्री और चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। ट्रंप ने कहा कि यदि सभी पक्ष सहमत हों, तो गाजा में 72 घंटे का प्रारंभिक युद्धविराम लागू किया जा सकता है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
- हमास द्वारा बंधकों की चरणबद्ध रिहाई
- गाजा में अंतरराष्ट्रीय निगरानी में राहत सामग्री की आपूर्ति
- इजरायल-फिलिस्तीन संवाद की बहाली
प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
हमास ने योजना पर कहा कि वह बंधकों की रिहाई और सत्ता हस्तांतरण पर तैयार है, लेकिन अन्य पहलुओं पर और विचार-विमर्श की आवश्यकता है। फिलिस्तीनी अधिकारियों ने कहा कि किसी भी स्थायी शांति के लिए इजरायली कब्जे का अंत जरूरी है।
संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने ट्रंप की पहल को “सही दिशा में प्रारंभिक कदम” बताया। इजरायल ने कहा कि वह किसी भी समझौते पर तभी विचार करेगा जब सभी बंधकों को बिना शर्त रिहा किया जाए।
भारत ने अपनी पारंपरिक नीति दोहराते हुए कहा कि वह दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन करता है, जिसमें इजरायल और फिलिस्तीन दोनों सुरक्षित सीमाओं में शांति के साथ रह सकें।