4 October, 2025
हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इसे कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों संग महारास रचाया था।इस वर्ष शरद पूर्णिमा का पर्व 06 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को मनाया जाएगा।
शरद पूर्णिमा 2025 तिथि और मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ : 06 अक्टूबर, दोपहर 12:23 बजेपूर्णिमा तिथि समाप्त : 07 अक्टूबर, सुबह 09:16 बजे
विशेष संयोग
इस बार शरद पूर्णिमा पंचक काल में पड़ रही है। पंचक की शुरुआत 03 अक्टूबर से होगी और यह 08 अक्टूबर तक रहेगा।ऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चाँद अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। इसी रात चाँदनी में रखी खीर अमृतमयी हो जाती है।
महत्व
शरद पूर्णिमा की रात खुले आकाश के नीचे खीर बनाकर चाँदनी में रखने की परंपरा है। सुबह उस खीर का प्रसाद रूप में सेवन करने से स्वास्थ्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।यह रात भक्ति, ध्यान और व्रत का विशेष महत्व रखती है।मान्यता है कि इस दिन माँ लक्ष्मी धरती पर भ्रमण करती हैं और जागरण करने वाले भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। इस प्रकार, 06 अक्टूबर 2025 की रात्रि शरद पूर्णिमा का दिव्य संयोग लेकर आएगी। श्रद्धालु इस रात उपवास, ध्यान और खीर का प्रसाद ग्रहण कर पुण्य अर्जित कर सकते हैं।