चंडीगढ़। मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत के मामलों से जुड़े दो विवादित कफ सिरप — कोल्ड्रिफ और डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड — पर हरियाणा सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य औषधि नियंत्रक विभाग ने इन दोनों सिरपों को प्रदेशभर में जब्त करने के आदेश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार, कोल्ड्रिफ सिरप का निर्माण श्रीसन फार्मा, जबकि डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड सिरप का निर्माण मेसर्स केयसन्स फार्मा द्वारा किया जा रहा है।
तमिलनाडु में कोल्ड्रिफ सिरप के एक बैच में डायथिलीन ग्लाइकॉल की 48.6 प्रतिशत मात्रा पाई गई, जो अत्यधिक विषैला रसायन है। इसके बाद केयसन्स फार्मा को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
औषधि नियंत्रक ने कड़ी निगरानी और सैंपल जब्ती के निर्देश दिए
हरियाणा के राज्य औषधि नियंत्रक ललित गोयल ने 5 अक्तूबर को सभी वरिष्ठ औषधि नियंत्रण अधिकारियों (SDCO) और औषधि नियंत्रण अधिकारियों (DCO) को पत्र जारी कर दोनों सिरपों की मूवमेंट पर सख्त निगरानी रखने को कहा है।
साथ ही अधिकारियों को नमूने लेने, शेष स्टॉक जब्त करने और विनिर्माण इकाइयों का निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
फार्मा कंपनियों पर बढ़ी जांच की निगरानी
इन सिरपों से जुड़ी कंपनियों की जांच केंद्रीय और राज्य औषधि नियामक एजेंसियों द्वारा की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संदिग्ध बैचों की तुरंत जब्ती और परीक्षण कराया जा रहा है।