चंडीगढ़। हरियाणा कैडर के सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने मंगलवार दोपहर चंडीगढ़ स्थित अपने सेक्टर-11 के घर में आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपने गनमैन की सरकारी पिस्तौल से खुद को गोली मारी। घटनास्थल से नौ पन्नों का सुसाइड नोट और एक वसीयत बरामद हुई है। पुलिस ने पूरे घर को सील कर जांच शुरू कर दी है।
गनमैन के खिलाफ दर्ज हुई थी वसूली की FIR
जानकारी के अनुसार, सोमवार को पूरन कुमार के गनमैन हेड कांस्टेबल सुशील कुमार के खिलाफ रोहतक के अर्बन एस्टेट थाना में ढाई लाख रुपये मासिक वसूली का मामला दर्ज हुआ था।
शराब कारोबारी पवन बंसल ने आरोप लगाया था कि सुशील कुमार, आईपीएस पूरन कुमार के नाम पर हर महीने पैसे मांग रहा था। कारोबारी ने पुलिस को इस संबंध में ऑडियो और वीडियो क्लिप्स भी सौंपी थीं।
रोहतक पुलिस ने मंगलवार सुबह पूछताछ के बाद सुशील कुमार को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में उसने आईपीएस पूरन कुमार का नाम लिया था। बताया जा रहा है कि जब पुलिस सुशील को कोर्ट में पेश करने जा रही थी, तभी चंडीगढ़ में पूरन कुमार ने आत्महत्या कर ली।
बेटी ने बेसमेंट में पाया पिता का शव
प्रारंभिक जांच के अनुसार, दोपहर करीब 1 बजे पूरन कुमार ने अपने गनमैन से सरकारी पिस्तौल मांगी और कहा कि उन्हें कुछ काम है। इसके बाद वे बेसमेंट में बने साउंडप्रूफ ऑफिस में चले गए।
गोली चलने की आवाज किसी को सुनाई नहीं दी। करीब एक घंटे बाद जब उनकी बेटी बेसमेंट में पहुंची, तो देखा कि पिता सोफे पर खून से लथपथ पड़े हैं। उसने तुरंत सुरक्षा कर्मियों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही आईजी पुष्पेंद्र सिंह, एसएसपी कंवरदीप कौर, एसपी सिटी प्रियंका और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। शव को सेक्टर-16 अस्पताल ले जाया गया। पोस्टमार्टम बुधवार को किया जाएगा।
पत्नी सीएम के साथ जापान दौरे पर
आईपीएस पूरन कुमार की पत्नी अमनीत पी. कुमार भी हरियाणा कैडर की 2001 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। घटना के समय वह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ जापान के सरकारी दौरे पर थीं। पुलिस ने उन्हें और अन्य परिजनों को सूचना दे दी है।
बुधवार को संभालना था नया कार्यभार
पूरन कुमार की हाल ही में रोहतक रेंज से ट्रांसफर होकर सुनारिया पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) में आईजी के तौर पर नियुक्ति हुई थी। वे बुधवार को नए पद का कार्यभार संभालने वाले थे। यह ट्रांसफर आदेश 29 सितंबर को जारी हुआ था।
फॉरेंसिक टीम को मिले अहम सुराग
एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया कि घटनास्थल से नौ पेज का सुसाइड नोट और एक वसीयत बरामद की गई है। उन्होंने कहा, “मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। घटनास्थल की वीडियोग्राफी कराई गई है और वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल को जब्त किया गया है।”
अंबाला से था गहरा रिश्ता
1973 में जन्मे वाई पूरन कुमार मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे। 2001 में हरियाणा कैडर मिलने के बाद उन्होंने अंबाला से अपनी ट्रेनिंग शुरू की थी।
वे वहां एएसपी, एसपी रेलवे और आईजी अंबाला रेंज के पद पर भी तैनात रहे। गिरफ्तार गनमैन सुशील कुमार भी अंबाला में ही उनके संपर्क में आया था और कई वर्षों से उनके साथ तैनात था।
वसूली केस से जुड़ा विवाद
रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने बताया कि पूरन कुमार ने दो महीने पहले शराब कारोबारी को अपने ऑफिस बुलाया था और कहा था कि कोई समस्या हो तो उनके गनमैन सुशील कुमार से बात करें।
इसके बाद सुशील कारोबारी को बार-बार फोन कर कहने लगा कि ‘आईजी साहब को हर महीने ढाई लाख रुपये देने होंगे।’पूरन कुमार के ट्रांसफर के बाद भी वह पैसों की मांग करता रहा।
आखिर कारोबारी ने बातचीत की रिकॉर्डिंग पुलिस को दी, जिसके बाद सोमवार को मामला दर्ज किया गया था। मंगलवार सुबह सुशील की गिरफ्तारी और दोपहर में पूरन कुमार की आत्महत्या ने हरियाणा पुलिस महकमे में सनसनी फैला दी है।