पाकिस्तान | पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हाल ही में हुए बड़े पैमाने के विरोध प्रदर्शन ने वहां की सरकार और सेना की गंभीर कमजोरियों को सामने ला दिया है। प्रदर्शनकारियों की भारी संख्या ने स्पष्ट कर दिया कि PoK के लोग पाकिस्तान के नियंत्रण को और बर्दाश्त नहीं कर सकते। यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) के विदेश मामलों के प्रमुख जमील मकसूद ने कहा कि भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और बुनियादी सुविधाओं की कमी विरोध का मुख्य कारण हैं। उन्होंने कहा कि अब लोग स्वतंत्रता और अखंड जम्मू-कश्मीर की ओर बढ़ रहे हैं और भारत से मदद की अपील कर रहे हैं।
भारत सरकार ने भी सख्त संदेश दिया है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि PoK भारत का अभिन्न हिस्सा है और इसकी वापसी हमारी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है। इससे पहले भारतीय सेना और रक्षा मंत्री भी इसी दिशा में संदेश दे चुके हैं।
PoK में जारी हिंसा में कम से कम 12 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए हैं। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने दबाव में पीछे हटते हुए 8 सदस्यीय समिति को आंदोलनकारी नेताओं से बातचीत के लिए मुजफ्फराबाद भेजा। संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण लोग अपने परिवार से कट गए हैं।
जमील मकसूद ने कहा कि PoK, बलूचिस्तान, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और गिलगिट-बाल्टिस्तान के लोग लगातार दमन का सामना कर रहे हैं। अब PoK के लोग पाकिस्तान के साथ नहीं रहना चाहते और अखंड जम्मू-कश्मीर में शामिल होने की अपनी इच्छा जताई है। उन्होंने पाकिस्तान के चरमपंथ और दमन के खिलाफ दृढ़ता से खड़े होने का आह्वान किया।