नई दिल्ली। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने वैश्विक नेताओं के शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पश्चिम एशिया शांति प्रस्ताव को क्षेत्र में शांति का “आखिरी मौका” बताया। यह सम्मेलन मिस्र के लाल सागर तट पर स्थित शर्म अल-शेख में आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य गाजा में युद्धविराम को स्थिर करना, इजराइल-हमास संघर्ष को पूरी तरह समाप्त करना और तबाह हुए फलस्तीनी क्षेत्रों के शासन व पुनर्निर्माण के लिए दीर्घकालिक रणनीति विकसित करना था।
शिखर सम्मेलन में सह-अध्यक्ष और मिस्र के नेता अल-सिसी ने ट्रंप से कहा कि “केवल आप ही इस क्षेत्र में स्थायी शांति ला सकते हैं।” उन्होंने अपने द्वि-राष्ट्र समाधान की पुर्नप्रत्याशा जताते हुए कहा कि एक स्वतंत्र फलस्तीन देश का अधिकार अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा मान्यता प्राप्त होना चाहिए। हालांकि, ट्रंप ने अपने संबोधन में द्वि-राष्ट्र समाधान का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया। उन्होंने पश्चिम एशिया में सद्भाव और सहयोग के नए युग की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि यह क्षेत्र पुराने विवादों और कटु नफरत को पीछे छोड़ने का अवसर पा रहा है।
मध्यस्थता के जरिए कतर में हुई वार्ता में अमेरिका, अरब देश और तुर्की की सक्रिय भागीदारी से इजराइल और हमास युद्धविराम समझौते के पहले चरण पर सहमति बनी। शुक्रवार को लागू हुए युद्धविराम के बाद, हमास ने 20 बंधकों और इजराइल ने सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया।