हरियाणा | हरियाणा में हाल ही में हुए प्रशासनिक बदलाव के तहत राज्य के 15 HCS अफसरों की सीनियरिटी सूची में बदलाव हुआ है। इसका कारण तीन HCS अधिकारियों का IAS प्रमोशन है। इन तीनों अफसरों को अब बैच अलॉट किया गया है, जिससे अगस्त में प्रमोट हुए 15 अफसरों की सीनियरिटी प्रभावित हुई है।
तीन नए अफसर बने IAS
हाल ही में IAS बनने वाले तीन HCS अधिकारियों में 2002 बैच के महावीर प्रसाद, 2003 बैच के अमरदीप सिंह और 2004 बैच की डॉ. शुभिता ढाका शामिल हैं। उन्हें क्रमशः 2017 और 2018 बैच अलॉट किया गया है।
महावीर प्रसाद को पांच वर्ष की सीनियरिटी दी गई है और वे अब 2017 बैच में सबसे सीनियर अफसर बन गए हैं। इससे पहले सूची में ऊपर रहे महेंद्रपाल का स्थान नीचे खिसक गया। अमरदीप सिंह को भी 2017 बैच मिला है और वे चौथे स्थान पर आ गए हैं, जिससे सुशील कुमार एक पायदान नीचे चले गए। वहीं डॉ. शुभिता ढाका को 2018 बैच मिला है और वे उस बैच की सबसे जूनियर IAS अफसर होंगी।
रिटायर अफसरों को भी प्रमोशन का लाभ
हरियाणा में अब रिटायरमेंट के बाद सेवा में शामिल अफसर 60 वर्ष तक सेवा कर सकेंगे, जबकि सामान्य सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष थी।
11 प्रमोट IAS को अब तक नहीं मिली पोस्टिंग
अगस्त 2025 में 15 HCS अफसरों को IAS पद पर प्रमोट किया गया था, लेकिन इनमें से 11 को नई पोस्टिंग अभी तक नहीं मिली है। फिलहाल मुनीष नागपाल (डीसी, चरखी दादरी), महेंद्रपाल (रजिस्ट्रार, कोऑपरेटिव सोसाइटी), सतपाल शर्मा (डीसी, पंचकूला) और सुशील कुमार (प्रशासक, HSVP हिसार) कार्यरत हैं।
2018 बैच के अफसरों में वर्षा खंगवाल, वीरेंद्र सिंह सहरावत, सत्येंद्र दूहन, मनिता मलिक, सतबीर सिंह, अमृता सिंह, योगेश कुमार और वंदना को अब तक नियुक्ति नहीं दी गई। 2019 बैच के जयदीप कुमार और संवर्तक सिंह खंगवाल को IAS दर्जा तो मिल गया है, लेकिन नियुक्ति लंबित है। वहीं 2014 बैच के सबसे सीनियर IAS विवेक पदम सिंह अभी भी HCS पद पर तैनात हैं।
10 साल बाद मिला IAS दर्जा
HCS सत्यपाल अरोड़ा को रिटायरमेंट के 10 साल बाद IAS दर्जा मिला। वे 2005 बैच के IAS माने जाएंगे। 2011 की चयन सूची में उनका नाम छूट गया था, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट के आदेश के बाद उनका प्रमोशन 2005 से प्रभावी माना गया। अब अरोड़ा IAS उपाधि का उपयोग कर सकेंगे और उन्हें 2005 से संबंधित सभी सेवा लाभ मिलेंगे। उनकी सेवानिवृत्ति वर्ष 2017 के अनुसार मानी जाएगी।