23 October, 2025
1950 और 60 के दशक में भारतीय सिनेमा की दुनिया पर एक ऐसा अभिनेता राज करता था, जिसकी करिश्माई अदायगी और लाजवाब स्टाइल ने लोगों के दिलों पर कब्जा कर लिया था। वो कोई और नहीं, बल्कि सदाबहार अभिनेता देव आनंद थे। उनकी मुस्कान, बोलने का अंदाज़ और उनका फैशन सेंस – सब कुछ उस दौर में एक ट्रेंड बन चुका था। कहा जाता है कि जब देव साहब सड़क से गुजरते थे, तो लोग उनकी एक झलक पाने के लिए ठिठक जाते थे।
देव आनंद बने फैशन के आइकॉन
देव आनंद सिर्फ एक एक्टर नहीं, बल्कि एक फैशन ट्रेंडसेटर भी थे। खासकर उनके सफेद शर्ट और काले कोट का कॉम्बिनेशन लोगों में जबरदस्त पॉपुलर हो गया था। उस दौर की युवा पीढ़ी, खासकर लड़कियां, देव साहब की दीवानी थीं। कई तो उनके जैसा ड्रेस पहनने या उनके जैसी स्टाइल अपनाने लगी थीं।लेकिन देव आनंद की ये लोकप्रियता एक समय पर उनके लिए परेशानी बन गई।
काले कपड़ों पर लगा बैन
कहानी कुछ यूं थी कि उनके काले कोट और पैंट का क्रेज इतना बढ़ गया कि कई फैन, खासकर लड़कियां, उनकी दीवानगी में हदें पार करने लगीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ जगहों पर देव आनंद को काले कपड़ों में देखकर लड़कियों ने आत्महत्या जैसी दुखद घटनाएं तक कर डालीं।
मामला इतना गंभीर हो गया कि देव आनंद को सार्वजनिक जगहों पर काला कोट पहनने पर बैन तक लगा दिया गया। कहा जाता है कि अदालत के आदेश के बाद उन्होंने इस रंग के कपड़े सार्वजनिक आयोजनों में पहनने से परहेज किया।हालांकि, बाद में देव आनंद ने खुद एक इंटरव्यू में इस बात को अफवाह बताया था, लेकिन यह सच है कि उनके फैशन और आकर्षण की चर्चा पूरे देश में थी।
देव आनंद का फिल्मी सफर
देव आनंद ने साल 1948 में फिल्म ‘हम एक हैं’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। उसी साल आई ‘जिद्दी’ ने उन्हें स्टार बना दिया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगभग छह दशकों तक हिंदी सिनेमा पर राज किया।देव साहब ने न केवल अभिनय किया बल्कि निर्देशन और निर्माण में भी अपनी छाप छोड़ी। साल 2011 में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा, लेकिन उनका स्टाइल और उनका चार्म आज भी अमर है।