23 October, 2025
इस वर्ष तुलसी विवाह 2025 का पावन पर्व 2 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। द्रिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक शुक्ल द्वादशी तिथि की शुरुआत 2 नवंबर को सुबह 07:31 बजे होगी और इसका समापन 3 नवंबर को सुबह 05:07 बजे पर होगा। इसी तिथि पर हर साल भगवान शालिग्राम (भगवान विष्णु का स्वरूप) और माता तुलसी का विवाह विधि-विधान से संपन्न किया जाता है।
तुलसी विवाह का महत्व
हिंदू धर्मग्रंथों में तुलसी विवाह को भक्ति, प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना गया है। यह विवाह भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के पुनर्मिलन का प्रतीक है। मान्यता है कि जो दंपत्ति इस दिन श्रद्धा से तुलसी-शालिग्राम विवाह कराते हैं, उनके वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि और अटूट प्रेम का वास होता है।
इस दिन करें 5 शुभ उपाय
- तुलसी विवाह में सम्मिलित हों – तुलसी माता को सुहागिन की तरह सजाकर शालिग्राम भगवान से विवाह कराएं।
- गुलाल और फूल अर्पित करें – यह दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ाता है।
- शुभ दीपक जलाएं – घर के आंगन या तुलसी चौरा में दीपक जलाने से क्लेश दूर होते हैं।
- ‘ओम् नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें – यह मंत्र शांति और प्रेम को स्थिर करता है।
- पति-पत्नी एक साथ तुलसी पर जल चढ़ाएं – इससे आपसी समझ और तालमेल मजबूत होता है।
आध्यात्मिक संदेश
तुलसी विवाह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्यार, समर्पण और वैवाहिक एकता का उत्सव है। इस दिन भगवान विष्णु और माता तुलसी के आशीर्वाद से जीवन में नई सकारात्मक ऊर्जा और खुशियों का आगमन होता है।