नई दिल्ली | इस साल छठ पर्व के दौरान मौसम करवट लेने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव अब तेज़ी से गंभीर रूप ले रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यह सिस्टम अगले कुछ दिनों में चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ में बदल सकता है। इसका असर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में 27 से 29 अक्टूबर तक तेज हवाओं और भारी बारिश के रूप में देखने को मिलेगा।
ओडिशा में हाई अलर्ट, आपदा प्रबंधन दल तैयार
ओडिशा सरकार ने संभावित खतरे के मद्देनज़र आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट मोड पर रखा है। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और राहत केंद्रों की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अफवाहों से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
IMD का पूर्वानुमान:
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 24 अक्टूबर को बंगाल की दक्षिण-पूर्वी खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का 25 अक्टूबर तक डिप्रेशन में बदलने और 27 अक्टूबर तक पूर्ण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने का अनुमान है। फिलहाल तूफान का रास्ता आंध्र प्रदेश तट की ओर दिख रहा है, लेकिन ओडिशा में तेज वर्षा और 40–60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाओं की संभावना है।
मछुआरों को चेतावनी:
भुवनेश्वर मौसम केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा कि 27 अक्टूबर तक सिस्टम साइक्लोन में बदल सकता है। ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है। 26 अक्टूबर से मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है। तटीय जिलों के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
तमिलनाडु में भी सतर्कता:
दक्षिण भारत में तूफान का असर दिखने लगा है। तूतीकोरिन में मछली पकड़ने पर रोक लगाई गई है और मछुआरों को तट से दूर रहने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से समुद्र तटों पर जाने से बचने और मौसम अपडेट्स पर ध्यान देने का आग्रह किया है।
बंगाल में ‘मोंथा’ की चेतावनी:
बंगाल की खाड़ी में उठते तूफान ‘मोंथा’ का असर पश्चिम बंगाल में भी दिखेगा। कोलकाता, हावड़ा, हुगली, झाड़ग्राम और दक्षिण 24 परगना समेत दक्षिण बंगाल के जिलों में तेज बारिश और 60 किमी/घंटा की हवाओं की संभावना है। उत्तर बंगाल के जिलों – जलपाईगुड़ी, मालदा, दक्षिण दिनाजपुर, कूचबिहार और अलीपुरद्वार – में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान है।
त्योहारों पर मौसम का असर:
छठ पर्व के दौरान लाखों श्रद्धालु सूर्य उपासना की तैयारी में जुटे हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज बारिश और हवाएं त्योहार की तैयारियों को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए सुरक्षा और सतर्कता को प्राथमिकता देना जरूरी है।