Shimla, 29 October
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोलन जिले के ममलीग में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ममलीग उप-तहसील को स्तरोन्नत कर तहसील का दर्जा देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने लोक निर्माण विभाग का उप-मंडल खोलने, स्थानीय स्कूल की छत के लिए 50 लाख रुपये और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए माई डीड परियोजना लागू कर चुकी है, जिससे भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया आसान हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान किया जा रहा है।सुक्खू ने कहा कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार के समय हिमाचल प्रदेश शिक्षा गुणवत्ता में देशभर में 21वें स्थान पर था, जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों से अब प्रदेश 5वें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले तबादलों से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी, इसलिए सरकार ने सख्त निर्णय लेकर इस पर रोक लगाई है।
ममलीग को तहसील का दर्जा, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधारों की घोषणा
मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए प्रदेश में पहले चरण में 100 स्कूलों को सीबीएसई आधारित बनाया जा रहा है। इन स्कूलों के लिए अध्यापकों का अलग कैडर गठित किया जाएगा और विद्यार्थियों के लिए अलग ड्रेस कोड भी होगा। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई भी शुरू कर दी गई है।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए सरकार एम्स दिल्ली की तर्ज पर संस्थानों को सुसज्जित कर रही है। रोबोटिक सर्जरी की सुविधा अटल सुपर स्पेशियलिटी संस्थान चमियाणा और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में शुरू की जा चुकी है। साथ ही आईजीएमसी, चमियाणा और टांडा में ऑटोमेटेड लैब स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
सुक्खू ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ पहुंचाया जा रहा है। गाय के दूध का समर्थन मूल्य 51 रुपये और भैंस के दूध का 61 रुपये प्रति लीटर किया गया है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों को भी लाभकारी दरों पर खरीदा जा रहा है।उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की गलत नीतियों से प्रदेश पर कर्ज का बोझ बढ़ा, लेकिन वर्तमान सरकार पारदर्शी नीति के साथ प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।