दुबई | संयुक्त अरब अमीरात (UAE) इन दिनों वैश्विक स्तर पर विरोध का सामना कर रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर #BoycottUAE और #BoycottForSudan जैसे हैशटैग तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। हजारों यूजर्स दुबई की यात्रा रद्द करने, अमीराती उत्पादों का बहिष्कार करने और एमिरेट्स व एतिहाद एयरवेज़ की उड़ानों से दूरी बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।
सूडान संकट बना विरोध की वजह
अफ्रीकी देश सूडान पिछले दो वर्षों से भीषण गृहयुद्ध की चपेट में है। सरकारी सेना (SAF) और विद्रोही संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ (RSF) के बीच अप्रैल 2023 से संघर्ष जारी है। हाल ही में RSF ने उत्तर दारफूर की राजधानी अल-फशर पर कब्जा कर लिया, जो सरकारी बलों का अंतिम गढ़ था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में RSF लड़ाकों को नागरिकों पर अत्याचार करते देखा गया, जिससे वैश्विक आक्रोश भड़क उठा।
UAE पर लगे गंभीर आरोप
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, अबू धाबी सरकार पर RSF को हथियार और वित्तीय सहायता देने के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि UAE ने इन आरोपों से इनकार किया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सूडान के सोने की खदानों से निकला सोना UAE के माध्यम से वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहा है, जिससे विद्रोही बलों को अप्रत्यक्ष रूप से आर्थिक सहायता मिल रही है।
“दुबई मत जाओ, इंसाफ के साथ खड़े हो”
यूजर्स ने एमिरेट्स और एतिहाद एयरवेज़ के विज्ञापनों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा, “जब निर्दोष बच्चे मारे जा रहे हैं, तब लक्जरी प्रमोशन करना शर्मनाक है।” दूसरे ने कहा, “अगर आप सूडान और फिलिस्तीन के साथ हैं, तो दुबई की चमक से दूर रहें।”
फिलिस्तीन से भी जुड़ा विरोध
कई लोगों ने इस विरोध को फिलिस्तीन मुद्दे से जोड़ दिया है। उनका कहना है कि जिस तरह इज़राइल गाज़ा में हिंसा कर रहा है, उसी तरह UAE सूडान में परोक्ष रूप से संघर्ष को बढ़ावा दे रहा है।
UAE की चुप्पी बरकरार
अब तक अमीरात सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि राजनयिक सूत्रों का कहना है कि UAE केवल शांति वार्ता और मानवीय सहायता के प्रयासों में शामिल है, किसी भी गुट को समर्थन नहीं दे रहा।