पंचकूला | हरियाणा मंत्रिमंडल की सोमवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री नायब सैनी की उस घोषणा को औपचारिक मंजूरी मिल गई, जिसमें उन्होंने 1984 के सिख दंगों के पीड़ित परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सिख दंगा पीड़ित परिवारों के योग्य सदस्यों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि उन पीड़ित परिवारों के आश्रितों को भी नौकरी का लाभ मिलेगा, जिनके परिजन दंगों के दौरान हरियाणा से बाहर मारे गए थे।
सरकार ने यह भी तय किया है कि अनुबंध आधार पर नियुक्त किए गए इन कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु तक सेवा से नहीं हटाया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह घोषणा 25 अगस्त को हरियाणा विधानसभा में की थी। इसके बाद सरकार ने साल 2022 की रोजगार नीति में संशोधन कर एक नया प्रावधान जोड़ा है। इस क्लॉज के तहत दंगा पीड़ित परिवार अपने एक सदस्य को सर्वसम्मति से नामित कर सकता है, जिसे हरियाणा कौशल रोजगार निगम द्वारा लेवल-I, II या III कैटेगरी में उपयुक्त पदों के लिए चयनित किया जाएगा।
यदि किसी विभाग में रिक्तियां उपलब्ध नहीं हैं, तो निगम पात्र उम्मीदवार को अन्य विभाग या संस्थान में समायोजित करेगा, ताकि उसे रोजगार का अवसर सुनिश्चित हो सके।