Mandi, Dharamveer
माकपा नेता व पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बार-बार आ रही प्राकृतिक आपदाओं ने हजारों परिवारों को उजाड़ दिया है, इसलिए अब केंद्र सरकार को आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए वन संरक्षण अधिनियम 1980 में संशोधन करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि केंद्र प्रभावित परिवारों को 90 प्रतिशत मुआवजा देकर उन्हें पुनः बसाने में मदद करे।
राकेश सिंघा बोले — आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए केंद्र करे ठोस कदम, मिले 90 फीसदी मुआवजा
राकेश सिंघा मंडी में आयोजित हिमाचल किसान सभा के राज्य स्तरीय अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे, जो राज्य अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सिंह तंवर की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। अधिवेशन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों आपदा प्रभावित किसानों और मजदूरों ने भाग लिया।मीडिया से बातचीत में सिंघा ने कहा कि हिमाचल के लोग सदियों से अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते आए हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें केंद्र से कोई ठोस लाभ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब केंद्र सरकार को आपदा प्रभावितों की पुनर्वास नीतियों में स्थायी बदलाव करना होगा।
सिंघा ने आरोप लगाया कि वन संरक्षण अधिनियम 1980 का मौजूदा स्वरूप किसानों और ग्रामीणों के लिए बाधा बन गया है, जबकि इसे पूंजीपतियों के हित में उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम में संशोधन किए बिना आपदा प्रभावितों को राहत और पुनर्वास देना संभव नहीं है।उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल के कुछ नेता प्रदेश के हितों की बजाय केंद्र सरकार की बोली बोलने में लगे हैं, जबकि जरूरत इस बात की है कि सभी दल आपदा पीड़ितों के पक्ष में एकजुट होकर खड़े हों।सिंघा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपदा के बाद हिमाचल तो आए, लेकिन पीड़ितों को घोषित सहायता का एक रुपया भी अब तक नहीं मिला है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि प्रभावितों को घर के बदले घर और जमीन के बदले जमीन दी जाए, ताकि वे फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सकें।