कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत के साथ ही मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सड़कों पर उतर आईं। उन्होंने कोलकाता में पैदल मार्च कर चुनाव आयोग की प्रक्रिया का विरोध दर्ज कराया। वहीं, अगले ही दिन बुधवार को आयोग के बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) मुख्यमंत्री के कालीघाट स्थित आवास पहुंचे और एसआईआर के लिए गणना फार्म सौंपा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वयं बीएलओ से यह फार्म लिया और कहा कि फार्म भरने के बाद उनका कार्यालय संबंधित अधिकारी को फोन के माध्यम से सूचित करेगा। बीएलओ अमित कुमार राय, जो राज्य सरकार के नागरिक सुरक्षा विभाग में कार्यरत हैं, ने नियमों के तहत मुख्यमंत्री तक पहुंच बनाई।
इस बीच, भारत के चुनाव आयोग की तीन सदस्यीय विशेष टीम गुरुवार से उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों में एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी करेगी। उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश भारती, प्रमुख सचिव एस.बी. जोशी और उप सचिव अभिनव अग्रवाल की अगुवाई में यह टीम कूचबिहार, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग में स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक करेगी।
चुनाव आयोग के मुताबिक, बुधवार शाम चार बजे तक पूरे राज्य में 80,000 से अधिक बूथ-स्तरीय अधिकारियों ने घर-घर जाकर 84 लाख से ज्यादा गणना फार्म वितरित कर दिए हैं। आयोग का लक्ष्य है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को सटीक और पारदर्शी बनाया जाए।