Facebook-f Youtube X-twitter

देहदान से संवर रहा डॉक्टरों का भविष्य: नेरचौक मेडिकल कॉलेज के डॉ. प्रदीप कश्यप की अनूठी पहल


देहदान से संवर रहा डॉक्टरों का भविष्य: नेरचौक मेडिकल कॉलेज के डॉ. प्रदीप कश्यप की अनूठी पहल

Mandi, Dharamveer 

जब कोई व्यक्ति इस दुनिया से जाता है, तो उसका शरीर सामान्यतः जलाया या दफनाया जाता है। परंतु मेडिकल साइंस के लिए यही देह सबसे बड़ा शिक्षक बन जाती है। डॉक्टर बनने की राह में मृत शरीर पर किए गए अध्ययन से ही भविष्य के चिकित्सक मानव शरीर की जटिलताओं को समझ पाते हैं।

इसी उद्देश्य को जन-आंदोलन का रूप देने में जुटे हैं श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज, नेरचौक के एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कश्यप, जो अब तक 330 लोगों को देहदान के लिए प्रेरित कर चुके हैं। इनमें से 10 मृतदेह कॉलेज को अध्ययन हेतु प्राप्त हो चुके हैं।

बिना देहदान के डॉक्टर की पढ़ाई अधूरी — डॉ. प्रदीप कश्यप

डॉ. कश्यप का कहना है कि किताबें और डिजिटल संसाधन डॉक्टर को दिशा देते हैं, लेकिन अनुभव मृतदेह ही सिखाता है।उन्होंने बताया कि 10 मेडिकल छात्रों के प्रशिक्षण के लिए एक देह आवश्यक होती है, जबकि कॉलेज में हर वर्ष 120 छात्रों के लिए कम से कम 12 देहों की जरूरत पड़ती है।

परिजनों के इंकार से रुकता है यह पुण्य कार्य

डॉ. कश्यप ने बताया कि कई बार पंजीकरण के बावजूद परिजन मृत्यु के बाद देह सौंपने से इंकार कर देते हैं। अब तक ऐसे 8 से 10 मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं का हवाला देकर लोग अंतिम संस्कार कर देते हैं, जबकि हमारे शास्त्रों में भी देहदान को पुण्य कार्य बताया गया है।

अंगदान और देहदान — दोनों का अलग महत्व

डॉ. कश्यप ने स्पष्ट किया कि अंगदान और देहदान दो अलग प्रक्रियाए हैं।अंगदान से किसी को जीवनदान मिलता है, जबकि देहदान से वे डॉक्टर तैयार होते हैं जो आगे चलकर हज़ारों जिंदगियां बचाते हैं।उन्होंने यह भी बताया कि मेडिकल कॉलेज नेरचौक में फिलहाल अंगदान की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

स्वेच्छा से होती है देहदान की प्रक्रिया

देहदान पूरी तरह स्वैच्छिक प्रक्रिया है। इच्छुक व्यक्ति मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में जाकर फॉर्म भर सकते हैं, जिस पर परिजनों के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं। इसके बाद कॉलेज की ओर से देहदान कार्ड जारी किया जाता है। मृत्यु के बाद परिजन कॉलेज को सूचित कर देह सौंप देते हैं, जो अध्ययन एवं शोध कार्यों में उपयोग होती है।

डॉ. प्रदीप कश्यप का संदेश

देहदान केवल वैज्ञानिक योगदान नहीं, बल्कि मानवता की सेवा है। आपकी देह मृत्यु के बाद भी किसी का भविष्य गढ़ सकती है — यही सच्चा जीवन है।”

Chandrika

chandrika@summerexpress.in

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

एमबीबीएस दाखिले के नाम पर 8 लाख की ठगी, आरोपी के खिलाफ केस दर्ज

Summer express, कैथल। जिले में एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के नाम पर एक युवती से आठ लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव रामनगर भूना निवासी मंजीत कौर ने सीवन थाना में दी शिकायत में...

PM मोदी आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को करेंगे संबोधित, महिला आरक्षण मुद्दे पर बयान की संभावना

Summer express, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से इसकी आधिकारिक जानकारी जारी किए जाने के बाद पूरे देश में इस संबोधन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में हाल ही में चर्चा में रहे...

आठ दिन में तीसरी संदिग्ध मौत, रायपुर अराईयां में नशे की ओवरडोज की आशंका से दहशत

Summer express, , कपूरथला  | कपूरथला (ढिलवां थाना क्षेत्र) के गांव रायपुर अराईयां में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। यह पिछले आठ दिनों में तीसरी ऐसी घटना है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल बन गया है। प्रारंभिक आशंका नशे की ओवरडोज...

महिला आरक्षण बिल विवाद पर गरमाई सियासत,मंत्री नेगी ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

शिमला,संजू-:लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर जारी बहस के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के बयान से राजनीतिक माहौल और तेज हो गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री महिला सांसदों से दूरी बनाकर संसद में उपस्थित नहीं होते, तो स्वयं को...

कंगना रणौत के बयान पर विक्रमादित्य सिंह का तंज,महिला प्रतिनिधित्व को लेकर छिड़ी सियासी बहस

शिमला,संजू-:हिमाचल प्रदेश की राजनीति में महिला आरक्षण और महिला प्रतिनिधित्व को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है। हाल ही में सांसद कंगना रणौत के एक बयान पर विवाद खड़ा हो गया, जिसमें उन्होंने हिमाचल विधानसभा में खुद को एकमात्र महिला प्रतिनिधि जैसा प्रस्तुत किया। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर आलोचना का...

हम लाते हैं तेज़, साफ़ और भरोसेमंद ख़बरें — शोर के बीच भी सच्चाई तक पहुंचाने वाली।
चाहे ब्रेकिंग न्यूज़ हो या आपके लिए अहम कहानियाँ, हर दिन हम देते हैं समझदारी और रोचक अंदाज़ में कवरेज।

Must Read

©2025- All Right Reserved.