यमुनानगर | नगर निगम ने शनिवार को यमुनानगर–जगाधरी स्टेट हाइवे पर सरोजनी कॉलोनी के पास बनी झुग्गियों को हटाने की कार्रवाई की। सड़क किनारे करीब दस वर्षों से रह रहे इन परिवारों का कहना है कि उनके पास रहने के लिए कोई स्थायी मकान नहीं है, ऐसे में अचानक की गई यह कार्रवाई उनके जीवन को संकट में डाल रही है।
परिवारों का आरोप—बिना सूचना तोड़ी गई झोपड़ियां
झुग्गियों में रहने वाली सीमा ने बताया कि जिला प्रशासन पहले भी यहां पहुंचा था और उनके निर्देश पर परिवारों ने अपनी झोंपड़ियां लगभग 20 फुट पीछे हटा दी थीं। सीमा ने आरोप लगाया कि “आज बिना किसी पूर्व सूचना के झोपड़ियां तोड़ दी गईं और घरेलू सामान भी उठाकर ले जाया गया। हमने अधिकारियों से दो दिन का समय मांगा था ताकि नया ठिकाना ढूंढ सकें, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।”
परिवारों ने कहा कि एक ओर सरकार गरीबों को आवास देने की बात करती है, जबकि दूसरी ओर प्रशासन उन्हें बेघर कर रहा है।
नगर निगम का पक्ष—अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई
निगम अधिकारियों के अनुसार झुग्गियां स्टेट हाइवे की जमीन पर अवैध रूप से बनी थीं।
प्रशासन ने बताया कि—
- कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन कब्जा नहीं छोड़ा गया
- स्वच्छता अभियान और अवैध अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई
- सड़क किनारे बनी झोपड़ियों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी
निगम का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।