चंडीगढ़ | हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामले में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अब तक 25 लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं। इनमें अधिकतर रोहतक जिले के पुलिसकर्मी, मृतक के करीबी दोस्त, वकील और अन्य परिचित शामिल हैं।
एसआईटी ने मृतक की तैनाती से जुड़े स्टाफ, केस संबंधित अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के बयानों के अलावा रोहतक जेल जाकर एडीजीपी के गनमैन सुशील से भी पूछताछ की थी। सुशील 26 दिन तक रोहतक जेल में बंद रहा और बाद में अंबाला जेल में शिफ्ट किया गया।
हालांकि, जिन अधिकारियों के नाम एडीजीपी ने अपने 8 पेज के फाइनल सुसाइड नोट में उल्लेख किए थे, उन्हें अब तक नोटिस जारी नहीं किया गया और पूछताछ के लिए शामिल नहीं किया गया। एसआईटी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुसाइड नोट में 15 अधिकारियों का जिक्र था, जिनमें से 11 पर गंभीर परेशान करने के आरोप लगे थे। इन अधिकारियों को जल्द ही नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा।
एसआईटी फिलहाल यह भी जांच कर रही है कि क्या वाई पूरण कुमार ने रोहतक में दर्ज एफआईआर के दबाव में आत्महत्या का कदम उठाया। जानकारी के अनुसार, छह अक्टूबर की रात गनमैन सुशील को रोहतक पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने शराब कारोबारी प्रवीण बंसल से ढाई लाख रुपये प्रति माह रिश्वत मांगी। गिरफ्तारी के अगले दिन, सात अक्टूबर को पूरण कुमार ने चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
एसआईटी अब रोहतक में दर्ज एफआईआर की जांच के साथ-साथ मृतक की तैनाती, कामकाज और मानसिक दबाव से जुड़े पहलुओं की विस्तार से जांच कर रही है।