बोले लाठीचार्ज किया तो जवाब भी मिलेगा, बच्चों को स्कूल न भेजने की अपील
Shimla, Sanju-:शिमला के संजौली क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है। देवभूमि संघर्ष समिति पिछले दो दिनों से अनशन पर बैठकर प्रशासन से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप की मांग कर रही है। समिति का कहना है कि अवैध निर्माण संबंधी शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।
संघर्ष समिति ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे संजौली में बड़ा आंदोलन शुरू कर सकते हैं। समिति के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले से जुड़े विरोध प्रदर्शनों में शामिल कुछ सदस्यों पर दर्ज हुई FIR को बिना उचित आधार के लगाया गया है। प्रदर्शनकारियों की माँग है कि FIR को वापस लिया जाए, साथ ही जिस भवन को लेकर विवाद है, उसकी बिजली–पानी की आपूर्ति रोकते हुए भवन को सील किया जाए।
समिति के प्रतिनिधियों का कहना है कि दो दिन से जारी उनके शांतिपूर्ण अनशन के बावजूद प्रशासन की ओर से न तो कोई वार्ता शुरू की गई है, न ही किसी ठोस आश्वासन की घोषणा की गई है। इससे स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ा है और स्थिति को लेकर चिंताएँ भी सामने आ रही हैं।कुछ सदस्यों ने प्रशासन और पुलिस को सचेत करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की कठोर कार्रवाई या बल प्रयोग से स्थिति और बिगड़ सकती है, इसलिए इस मुद्दे को संवाद के रास्ते हल किया जाना चाहिए। समिति ने अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि क्षेत्र में तनाव बढ़ता है, तो बच्चों को स्कूल भेजने के निर्णय में सावधानी बरतें।
पिछले शुक्रवार को विवाद उस समय बढ़ गया था जब कथित अवैध रूप से निर्मित मस्जिद में नमाज़ अदा करने को लेकर बहस हुई, जिसके बाद पुलिस ने संघर्ष समिति के कुछ कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसी के विरोध में संगठन के सदस्य आमरण अनशन पर बैठे हैं।सह संयोजक मदन ठाकुर और विजय शर्मा ने कहा कि उनकी मुख्य मांगें केवल प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी स्पष्टता से जुड़ी हैं, जिन पर बातचीत होने से स्थिति सामान्य हो सकती है।