जींद | कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जींद में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि हालिया विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत में अचानक हुई बढ़ोतरी कई शंकाओं को जन्म देती है, जिसकी जांच आवश्यक है।
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर जनमत तैयार कर रही है, क्योंकि पारदर्शिता लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा उठाए गए एक मामले में सामने आया कि हरियाणा में एक महिला ने कथित तौर पर 22 बार वोट डाले, जो ईवीएम (EVM) सिस्टम की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाता है।
उन्होंने कहा कि 5 अक्टूबर 2024 को हुए मतदान के बाद रात 9:45 बजे चुनाव आयोग ने 61.09% वोटिंग दर्ज की थी। इसके बाद 6 अक्टूबर को यह आंकड़ा बढ़कर 65.65% कर दिया गया और अंतिम मतदान प्रतिशत 67.90% पहुंच गया। हुड्डा ने सवाल किया कि “आख़िर एक दिन में 7% मतदान बढ़ने का आधार क्या था? इस पर आज तक चुनाव आयोग ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।”
कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि SIR में कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनकी गहन जांच की मांग वे लगातार उठा रहे हैं। हुड्डा ने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि देश में फिर से बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जर्मनी जैसे विकसित देश भी अब ईवीएम छोड़कर बैलेट पेपर पर लौट चुके हैं, इसलिए भारत में भी वोटिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए यह कदम जरूरी है।
हुड्डा ने स्पष्ट कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता तभी सिद्ध होगी जब इन सभी सवालों के ठोस जवाब मिलेंगे और चुनाव प्रणाली में आम जनता का भरोसा बहाल होगा।