पंचकूला। सकेतड़ी इलाके में एक महिला के घर से उसके ही रिश्तेदार द्वारा नकदी और गहने चोरी करने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि आरोप लगाने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने इसे “घरेलू विवाद” बताकर एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया। पीड़िता के लगातार प्रयासों के बाद जब मामला डीजीपी तक पहुंचा, तब जाकर केस दर्ज हुआ।
दो महीने पुरानी वारदात, रिश्तेदार ने ली थी पनाह
जानकारी के अनुसार सकेतड़ी निवासी मधु के घर 3 अगस्त को उसके पति कुलदीप का मौसेरा भाई सियाराम आया था। उसने खुद को भारी कर्ज में डूबा बताते हुए कुछ दिन घर में शरण देने की बात कही। कुलदीप ने उसे अपने घर में रहने दिया और मधु को मायके भेज दिया।
घर से उड़ाए नकदी और गहने, फिर हुआ फरार
16 अगस्त को जब कुलदीप मधु को मायके से वापस लाने गया, उसी दौरान सियाराम मौका पाकर घर से लगभग 6 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के गहने गायब कर फरार हो गया। घर लौटने पर मधु को चोरी का पता चला।
पुलिस ने कहा—“घरेलू मामला”, एफआईआर से किया इनकार
पीड़िता के अनुसार वह एक नहीं, बल्कि तीन बार थाने गई, लेकिन पुलिस ने मामले को परिवारिक विवाद बताकर केस दर्ज करने से मना कर दिया। पुलिस ने उल्टा महिला से ही चोरी साबित करने के सबूत मांग लिए।
DGP के हस्तक्षेप पर हुई कार्रवाई
थक-हारकर महिला सीधे हरियाणा के डीजीपी के पास पहुंची और पूरी घटना बताई। डीजीपी के आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी सियाराम के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है।