फरीदाबाद | दिल्ली ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार अल-फलाह यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर और संदिग्ध आतंकी डॉ. मुजम्मिल शकील को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) देर रात विशेष जांच के लिए फरीदाबाद लेकर पहुंची। टीम ने करीब चार घंटे तक फरीदाबाद, सोहना और फतेहपुर तगा के विभिन्न स्थानों पर उसकी गतिविधियों की बारीकी से पड़ताल की।
सबसे पहले अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची टीम
सूत्रों ने बताया कि NIA टीम सबसे पहले मुजम्मिल को अल-फलाह यूनिवर्सिटी लेकर गई, जहां वह लंबे समय से रह रहा था। टीम ने उसके:
- रहने का कमरा
- पढ़ाई और मेडिकल केबिन
- मरीजों के इलाज का स्थान
- स्टूडेंट्स और स्टाफ से संपर्क वाले क्षेत्र
- कैंपस में उसकी नियमित आवाजाही वाली जगहें
की पहचान करवाई। टीम ने उसकी अलमारी को दोबारा खोलकर जांचा, ताकि किसी और संदिग्ध सामग्री की पुष्टि हो सके।
360 किलो अमोनियम नाइट्रेट वाले स्थान की पहचान
इसके बाद NIA उसे उस स्थान पर लेकर गई, जहां 10–12 सूटकेसों में करीब 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट पहले से तैयार अवस्था में रखा गया था।
यहां लगभग 15–20 मिनट तक उससे पूछताछ हुई। टीम ने यह जानकारी ली कि:
- रसायन वहां क्यों रखा गया था
- इसका उपयोग किस उद्देश्य से होना था
- इसके पीछे कौन लोग शामिल थे
फतेहपुर तगा: 2,563 किलो अमोनियम नाइट्रेट मिलने वाली लोकेशन
अगला ठिकाना था फतेहपुर तगा, जहां से NIA ने पहले ही 50 कट्टों में भरा 2,563 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया था।
मुजम्मिल ने स्वीकार किया कि वह दो बार कार में भरकर यह सामग्री यहां पहुंचा चुका था। टीम ने उससे पूछताछ की कि इतनी बड़ी खेप कहाँ भेजी जानी थी और इसके पीछे किसका निर्देश था।
सोहना मंडी में दो बीज भंडारों की भी हुई पहचान
इसके बाद NIA टीम मुजम्मिल को सोहना मंडी लेकर गई, जहां उसने दो बीज भंडारों की पहचान करवाई। उसने बताया कि इन दुकानों से उसका नियमित संपर्क था। टीम ने यहां भी उससे पूछताछ की।
पूरी रात चली कार्रवाई, फिर दिल्ली रवाना हुई टीम
NIA टीम फरीदाबाद में करीब ढाई से तीन घंटे और सोहना में लगभग 45 मिनट तक जांच में जुटी रही। सभी स्थानों की शिनाख्त और पूछताछ पूरी करने के बाद टीम मुजम्मिल को वापस दिल्ली ले गई।