Shimla, Sanju-:हिमाचल प्रदेश में लगातार बने हुए शुष्क मौसम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पूरे नवंबर महीने में बारिश और बर्फबारी न होने से जहां किसानों और बागवानों की चिंता गहरी हो गई है, वहीं तापमान में लगातार आ रही गिरावट से आम लोगों की दिक्कतें भी बढ़ती जा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार नवंबर में अब तक सामान्य से 92 फ़ीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो राज्य के लिए एक चिंताजनक स्थिति मानी जा रही है।
राजधानी शिमला में इन दिनों अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि कई ऊपरी क्षेत्रों में रात के समय तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा रही है। उच्च पर्वतीय इलाकों में कड़ाके की ठंड है, लेकिन बर्फबारी का इंतजार अभी भी जारी है। बर्फबारी न होने से पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में भी निराशा है, क्योंकि सर्दियों के मौसम में पर्यटन गतिविधियों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है।मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने जानकारी दी कि राज्य के अधिकतर हिस्सों में तापमान में गिरावट देखी जा रही है, हालांकि यह सामान्य सीमा के भीतर ही है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में बारिश या बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है। इसके साथ ही, नदी किनारे बसे क्षेत्रों में सुबह और शाम हल्की धुंध भी देखने को मिल रही है। शर्मा के अनुसार प्रदेश भर में 30 नवंबर तक मौसम शुष्क और साफ़ रहने का अनुमान है।
शुष्क मौसम का असर कृषि और पेयजल स्रोतों पर भी दिखना शुरू हो गया है। किसानों का कहना है कि समय पर बारिश न होने से रबी फसलों की बुवाई और नमी बनाए रखने में कठिनाई आ रही है। अगर दिसंबर में भी मौसम ऐसा ही रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।