Chamba, Manjur Pathan-:चंबा जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) हितेश लखनपाल का अचानक हुआ तबादला अब राजनीतिक और जनभावनाओं का बड़ा मुद्दा बन गया है। नशा माफिया और भ्रष्टाचार पर लगातार कड़ी कार्रवाई करने वाले इस जांबाज़ अधिकारी के तबादले के बाद स्थानीय लोगों में रोष फैल गया है। इसी के चलते सोमवार को चंबा में डीसी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया, जिसका नेतृत्व चुराह क्षेत्र के भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेश रावत ने किया।
धरने पर बैठे लोगों ने मांग उठाई कि एएसपी हितेश लखनपाल का तबादला आदेश तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अधिकारी ने बेहद कम समय में जिले में नशा तस्करी का जाल तोड़ने में निर्णायक भूमिका निभाई, जिसकी वजह से अपराध जगत में खलबली मच गई थी।उनका आरोप है कि लखनपाल की कड़ी कार्रवाई से परेशान नशा माफियाओं की शिकायतों या दबाव के चलते सरकार ने जानबूझकर उनका तबादला किया है।धरने का नेतृत्व कर रहे चुराह के भाजपा नेता नरेश रावत ने कहा कि “इतने ईमानदार, काबिल और कड़े अधिकारी का तबादला किस आधार पर किया गया, सरकार इसका जवाब दे। मात्र एक महीने में इस अधिकारी ने जिले में नशा माफियाओं की कमर तोड़ दी थी।उनकी तैनाती ने पुलिस की कार्यशैली में नई ऊर्जा और जनता में भरोसा पैदा किया था।उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक एएसपी हितेश लखनपाल के तबादला आदेश निरस्त नहीं होते, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। रावत ने यह भी कहा कि जनता इस मुद्दे पर एकजुट है और किसी भी कीमत पर चंबा से ऐसे सख़्त और ईमानदार अधिकारी को हटाने नहीं देगी।
चंबा जिला प्रशासन के बाहर जारी यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है, क्योंकि लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक अधिकारी का मुद्दा नहीं, बल्कि क़ानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का हिस्सा है।