Hamirpur, Arvind -:संगठन सृजन अभियान के तहत कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में संगठनात्मक मजबूती पर फोकस तेज कर दिया है। इसी क्रम में राज्यसभा सदस्य शक्ति सिंह गोहिल इन दिनों हमीरपुर जिले के प्रवास पर हैं, जहां उन्होंने पार्टी की स्थिति, कार्यशैली और भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की। सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में गोहिल ने कहा कि समय के साथ परिस्थितियाँ बदलती रहती हैं और संगठन को भी समयानुकूल रूप से अपडेट करना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि कभी संगठन मजबूत स्थिति में था, लेकिन बदलती चुनौतियों को देखते हुए अब नए सिरे से संरचना तैयार करने की जरूरत महसूस हो रही है। इसी उद्देश्य से संगठन सृजन अभियान पूरे देश में चलाया जा रहा है। तकनीक के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज हर जिले के अध्यक्ष से आमने-सामने बातचीत संभव है, जिससे फीडबैक और कार्यों की समीक्षा पहले से अधिक आसान हो गई है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान गोहिल ने दावा किया कि देश में विकास कार्यों की आधारशिला कांग्रेस ने रखी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान ही हमीरपुर देश के सर्वाधिक साक्षर जिलों में शामिल हुआ था। उन्होंने क्षेत्र की जनता का भी आभार व्यक्त किया कि शिक्षा की उच्च दर के परिणामस्वरूप यहां युवाओं की एक बड़ी संख्या भारतीय सेना में सेवाएं दे रही है।
लोकसभा उम्मीदवारों का चयन आंकड़ों और जमीनी फीडबैक के आधार पर होगा
एआईसीसी नेतृत्व की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संगठन केवल चुनाव से पहले सक्रिय न हो, बल्कि पूरे समय जनता के बीच रहकर जिम्मेदारी निभाए—यही मंशा कांग्रेस हाईकमान की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकसभा उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह आंकड़ों और जमीनी फीडबैक के आधार पर होगा। संगठन में गुटबाजी, कार्यशैली और सक्रियता जैसे सभी बिंदुओं पर गहन विश्लेषण किया जा रहा है, और इसके लिए कार्यकर्ताओं से प्रत्यक्ष सुझाव भी लिए जाएंगे।गोहिल ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि हमीरपुर के कार्यकर्ता संगठन को मजबूत कर हर चुनौती का सामना करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस राज में हमीरपुर को एनआईटी जैसा महत्वपूर्ण संस्थान मिला और जिले में कई विकास योजनाएँ धरातल पर उतरीं।
अभियान के तहत ‘टैलेंट हंट’ की प्रक्रिया भी चल रही
उन्होंने कांग्रेस की आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी अध्यक्ष का चुनाव पूरी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक तरीके से होता है, जबकि भाजपा में नेतृत्व ऊपर से थोपा जाता है। उन्होंने कहा कि यही लोकतांत्रिक व्यवस्था संगठन तक मजबूती से पहुँचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।अभियान के तहत ‘टैलेंट हंट’ की प्रक्रिया भी चल रही है, जिसमें संगठनात्मक क्षमता वाले लोगों को आगे लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित वार रूम से जिला अध्यक्षों और संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी की जाएगी और प्रशिक्षण के पश्चात उन्हें फील्ड में कार्यभार सौंपा जाएगा।पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, विधायक सुरेश कुमार, पूर्व विधायक कुलदीप पठानिया, पूर्व जिला अध्यक्ष सुमन भारती और कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा भी उपस्थित रहे।