Dharamshala, Rahul chawla-:धर्मशाला में चल रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन राजनीतिक गर्माहट से भर गया। विधायक क्षेत्र विकास निधि जारी न होने का मुद्दा आज पूरे सत्र पर हावी रहा। इसको लेकर भाजपा विधायकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विधानसभा परिसर के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया।
सुबह सत्र शुरू होते ही भाजपा विधायक अपोज़िशन लॉज से बाहर निकले और हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। भाजपा विधायकों का आरोप था कि सरकार जानबूझकर ट्रेजरी पर अंकुश लगाकर विकास कार्य रोक रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि करोड़ों रुपये बजट में प्रावधान होने के बावजूद फंड जारी नहीं किया जा रहा, जिससे क्षेत्रीय विकास बाधित हो रहा है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस मुद्दे पर सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “हम जनता द्वारा चुने गए विधायक हैं। बजट में स्वीकृति के बावजूद अफसर साफ-साफ कहते हैं कि ट्रेजरी खाली है और 10 हजार रुपये से अधिक रिलीज नहीं किए जा सकते। यह लोकतंत्र का मजाक है।जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें टूट चुकी हैं, पुल बह चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई वित्तीय मदद नहीं पहुंच रही। उन्होंने कहा कि आम लोग विधायक क्षेत्र विकास निधि की उम्मीद रखते हैं, लेकिन वह भी रोक दी गई है, जिससे जनता की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।नेता प्रतिपक्ष यहीं नहीं रुकेउन्होंने सरकार पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के भी आरोप लगाए। उनका कहना था कि, “जब बजट में पैसा है तो वह आखिर जा कहां रहा है? टोकन जारी कर कमीशन लेने और ठेकेदारों का भुगतान रोकने का खेल चल रहा है। यह भ्रष्टाचार का नया मॉडल है।”
भाजपा विधायकों ने चेतावनी दी कि यदि फंड जारी नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में विरोध और तेज होगा। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि MLA निधि पर सरकार और विपक्ष के बीच यह विवाद अगले पूरे सत्र की दिशा तय कर सकता है।