पंचकूला। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा अब देश-विदेश के निवेशकों की प्राथमिक पसंद बन चुका है। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए राज्यों और नागरिकों को ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना अपनाने पर जोर दिया।
बीजेपी प्रदेश कार्यालय ‘पंचकमल’ में विधि प्रकोष्ठ के सेमिनार को संबोधित करते हुए CM सैनी ने कहा कि हरियाणा में औद्योगिक माहौल लगातार मजबूत हो रहा है, जिसके चलते राज्य में 7.66 लाख MSME इकाइयां स्थापित हैं। इन उद्योगों ने लगभग 39 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया है।
मुख्य बातें
- हरियाणा निवेशकों की पहली पसंद: मुख्यमंत्री सैनी
- आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी उत्पादों के उपयोग पर बल
- राज्य में 7.66 लाख MSME इकाइयां सक्रिय
- 39 लाख नागरिकों को मिला रोजगार
- स्टार्टअप इकोसिस्टम में हरियाणा देश में सातवें स्थान पर
“5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में हरियाणा निभा रहा अहम रोल”
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसे प्राप्त करने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक को आत्मनिर्भर बनना होगा।
उन्होंने कहा कि उद्योग, शिक्षा, कौशल, तकनीक, व्यापार और नवाचार के हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, तभी भारत विकसित राष्ट्र के रूप में उभरेगा।
उद्योगों को मिली बड़ी सुविधा: ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और 400 करोड़ की सहायता
सैनी ने बताया कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सरकार ने कानूनी और नियामक प्रक्रियाओं को सरल किया है। राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इकोसिस्टम तैयार किया गया है, जिसने निवेशकों और उद्यमियों का भरोसा बढ़ाया है।
उद्यम एवं रोजगार नीति 2020 के तहत सरकार ने उद्यमियों को 400 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है।
हरियाणा स्टार्टअप हब के रूप में उभरता राज्य
CM सैनी ने बताया कि राज्य सरकार MSME और स्टार्टअप को बढ़ावा दे रही है।
हरियाणा में आज:
- 9,500 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप कार्यरत हैं
- भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में राज्य का स्थान सातवां है
इसके लिए सरकार ने आत्मनिर्भर हरियाणा पोर्टल लॉन्च किया है, जहां युवा अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।
सेमिनार में प्रमुख नेता रहे मौजूद
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर और संगठन मंत्री फणीन्द्रनाथ शर्मा ने भी संबोधित किया। अधिवक्ता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक गोपाल शर्मा तथा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संयोजक पर्व शर्मा भी मौजूद रहे।