सिरसा। सिरसा जिले के सदर थाना क्षेत्र से लकड़ी बीनने गई 12 वर्षीय नाबालिग जुड़वा बहनों का कार सवार एक महिला और उसके साथियों ने अपहरण कर लिया। आरोपियों ने दोनों बहनों को सात दिनों तक पानीपत में एक बंद कमरे में कैद करके रखा। रविवार शाम दोनों किसी तरह कमरे से बाहर निकलीं और ऑटो की मदद से पानीपत रेलवे स्टेशन पहुंच गईं, जहां उन्होंने जीआरपी से मदद मांगी।
रेलवे स्टेशन पर रोती मिलीं दोनों बहनें
रविवार शाम करीब नाबालिग बहनें पानीपत रेलवे स्टेशन पर पुलिसकर्मियों को देख रोने लगीं। उन्होंने बताया कि वह 24 नवंबर को जंगल में लकड़ी लेने गई थीं, तभी एक कार उनके आसपास घूमती रही। थोड़ी देर बाद कार से उतरी एक महिला और युवक ने उनके मुंह पर रूमाल रख दिया, जिसके बाद वह बेहोश हो गईं। होश आने पर वे एक अज्ञात कमरे में बंद थीं, जहां उन्हें सात दिनों तक रोककर रखा गया। होश में आने पर फिर बेहोश करने की कोशिश की जाती थी।
बच निकलने के बाद जीआरपी से मिली मदद
रविवार शाम दोनों लड़कियाँ कमरे से किसी तरह बाहर निकलीं और कई ऑटो बदलकर रेलवे स्टेशन पहुंचीं। उन्होंने पुलिस से फोन करने की बात कही और रोने लगीं। पुलिस को शक हुआ और फिर उन्हें जीआरपी थाना लेकर जाया गया, जहां महिला एएसआई अंजू ने उनसे विस्तृत पूछताछ की।
सिरसा में पहले से दर्ज थी गुमशुदगी
जीआरपी थाना प्रभारी चंदन सिंह ने बताया कि लड़कियों की बात सुनकर सिरसा सदर थाना से संपर्क किया गया। पता चला कि दोनों नाबालिगों की गुमशुदगी की FIR पहले से दर्ज है। तुरंत सिरसा पुलिस और परिजनों को सूचित किया गया। देर रात महिला एएसआई किरणपाल, परिजनों और पुलिस टीम के साथ पानीपत पहुंचीं और दोनों को सुरक्षित उनके परिवार को सौंप दिया गया।
बंधक बनाए स्थान की तलाश में जुटी पुलिस
पानीपत पुलिस अब उस स्थान की पहचान करने में लगी है जहाँ लड़कियों को बंधक बनाकर रखा गया था। किशोरियों ने बताया कि वह स्थान जंगल के बीच एक मकान जैसा था। उन्होंने पांच ऑटो बदलकर रेलवे स्टेशन पहुंचने की बात कही, लेकिन सटीक लोकेशन बताने में असमर्थ रहीं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और ऑटो रूट्स के आधार पर आरोपियों और स्थान की पहचान करने में जुटी है। किशोरियों ने यह भी बताया कि आरोपी महिला ने उन्हें मेकअप किट दी थी और उसे इस्तेमाल करने के लिए कहा था।
जांच जारी, आरोपियों की तलाश तेज
सिरसा पुलिस व जीआरपी दोनों जिलों में संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं। अपहरण और बंधक बनाकर रखने की गंभीर धाराओं में मामला आगे बढ़ रहा है।