हिसार | हरियाणा में कानून-व्यवस्था को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने डीजीपी ओपी सिंह पर तीखा हमला बोला है। हिसार के उकलाना के गांव पाबड़ा में पत्रकार वार्ता के दौरान दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिस प्रकार मौजूदा डीजीपी ने एक साथ 2000 अपराधियों को पकड़ने के दावे किए हैं, वह पूरी तरह संदिग्ध है।
उन्होंने सवाल उठाया, “क्या ये अपराधी पहले सरकार के संरक्षण में बाहर घूम रहे थे? और क्या अब सरकार डीजीपी को एक्सटेंशन देने की तैयारी कर रही है?” दुष्यंत ने आरोप लगाया कि जब कोई अपराधी पहले से जेल में बंद होता है, उसे अलग-अलग मुकदमों में दिखाकर गिरफ्तारियों के आंकड़े बढ़ाए जा रहे हैं।
पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि वास्तविक कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में ठोस कदम उठाने के बजाय केवल संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
साथ ही उन्होंने जेजेपी के स्थापना दिवस पर जुलाना में होने वाली रैली का भी जिक्र किया और बताया कि पूरे प्रदेश के 6800 गांवों और 140 निकायों में कार्यकर्ताओं को आमंत्रण दिया जा रहा है।
आरएस यादव प्रकरण पर टिप्पणी: दुष्यंत ने कहा, “वो एक दौर था जिसने सब देख लिया। उस समय किसने क्या किया, यह इतिहास का हिस्सा है। मुझे याद है जब मेरे सिरसा स्थित घर पर 200–250 पुलिसकर्मी पहुंचे, मेरे ड्राइवर को उठाकर ले गए और उसे उल्टा लटकाकर पीटा गया। ये सभी घटनाएं अतीत की हैं।”
एमडीयू प्रशासन पर आरोप: दुष्यंत ने रोहतक एमडीयू प्रशासन पर भी निशाना साधा और कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने राजनीतिक आकाओं की खुशामद के लिए परिसर को राजनीतिक अखाड़ा बना दिया। इसके कारण एमडीयू की रैंकिंग गिर गई और वित्तीय सहायता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने बताया कि इंडियन नेशनल स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन (INSO) जल्द ही रोहतक पुलिस में एमडीयू प्रशासन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाएगी।