हिसार। हरियाणा में एक बार फिर जाट समाज को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सफीदों से BJP विधायक राम कुमार गौतम के विवादित बयान के बाद अब कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह भी जाट समुदाय को लेकर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में आ गए हैं। गुरुग्राम के पातली हाजीपुर गांव में हुई एक जनसभा के दौरान दिए उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
“जाटों ने झोला उठाया, तभी सरकार बनी” : राव नरबीर
सभा को संबोधित करते हुए राव नरबीर ने कहा “जाटों के कारण ही भाजपा की सरकार बनी है। अगर जाट झोला नहीं उठाते तो सरकार नहीं बनती।”
उन्होंने आगे कहा “जाट रौला मचाएंगे तो हमारा काम और आसान हो जाएगा। जाट एक वोट देगा और सौ गीत गाएगा।” मंत्री के इस बयान पर राजनीतिक हलकों में चर्चा छिड़ गई है।
सभा में कही गई विवादित बातें
सभा के दौरान राव नरबीर ने मंच पर उपस्थित कुछ लोगों से कहा—
- “सारे जाट आ गए तो बाकी कौम भाग जाएगी। तुम इतना तंग करते हो।”
- “तुम ठीक रहोगे तो मेरा काम भी ठीक चलेगा। गाँव में समर्थन है लेकिन जीत शहर से मिलती है।”
- “वोट कम दे दो, लेकिन रोला मचाते रहो—हमारा काम चलता रहेगा।”
इससे पहले भी राव नरबीर सात महीने पहले गुरुग्राम के एक कार्यक्रम में खुद को “एक्सीडेंटल पॉलिटिशियन” बताते हुए कह चुके हैं— “26 साल में MLA बन गया, वो भी बाप-दादा के नाम पर।”
पहले भी सुर्खियों में रहे MLA राम कुमार गौतम
इससे पहले BJP विधायक राम कुमार गौतम ने भी जाट समाज पर टिप्पणी करते हुए कहा था—
“अरे पागलों, तुम जात-पात का जहर फैलाते हो… लूटने की आदत है।”
उनके कई पुराने भाषणों में भी विवादित बयान सामने आ चुके हैं, जिनमें वे अपने राजनीतिक विरोधियों पर तीखी टिप्पणी करते रहे हैं।
अहीरवाल में राव नरबीर का राजनीतिक प्रभाव
राव नरबीर अहीरवाल क्षेत्र के प्रमुख नेताओं में से एक माने जाते हैं।
- अहीरवाल क्षेत्र की कुल 11 सीटों में से इस बार 10 सीटें BJP ने जीती हैं।
- राव नरबीर बादशाहपुर से विजयी रहे और भाजपा सांसद राव इंद्रजीत सिंह के धुर विरोधी माने जाते हैं।
- 2014 में वे मनोहर लाल खट्टर सरकार में पावरफुल कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं।
उन्हें हाईकमान से सीधा समर्थन मिलने के लिए भी जाना जाता है।
हरियाणा राजनीति में जाट बनाम गैर-जाट रणनीति फिर चर्चा में
हरियाणा में 27% आबादी के साथ जाट सबसे बड़ा समुदाय हैं, लेकिन BJP ने पिछले तीन चुनावों में लगातार गैर-जाट वोट समीकरण पर फोकस किया है।
- 2014, 2019 और 2024—तीनों चुनावों में यह रणनीति पार्टी के लिए सफल रही।
- इस बार भी जाट बहुल क्षेत्रों में BJP ने 7 नई सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी पैठ मजबूत की है।
- शहरी और पंजाबी बहुल GT रोड बेल्ट में भी BJP को अतिरिक्त बढ़त मिली।