Panchkula, 7 December-:केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज पंचकूला में चार दिवसीय इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (IISF) के 11वें संस्करण का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल तीन “C”— सेलिब्रेशन, कम्युनिकेशन और करियर— पर आधारित है, जिसका उद्देश्य विज्ञान को समाज, युवाओं और भविष्य के नवप्रवर्तकों के और करीब लाना है। इस मौके पर हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण बेदी भी उपस्थित रहे।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि IISF को एक खुले सार्वजनिक मंच के रूप में विकसित किया गया है, जो केवल वैज्ञानिकों तक सीमित न रहते हुए आम नागरिकों, छात्रों और युवा शोधकर्ताओं को वैज्ञानिक सोच से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि फेस्टिवल विभिन्न मंत्रालयों, अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करता है, जो सरकार की विज्ञान–आधारित विकास नीति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण है।डॉ. सिंह ने बताया कि विज्ञान भारत के समग्र विकास मॉडल का मुख्य आधार है और पिछले एक दशक में मिशन मोड में किए गए सुधारों ने वैज्ञानिक अनुसंधान को नई गति दी है। ध्रुवीय अनुसंधान, डिजिटल इनोवेशन, मौसम पूर्वानुमान, जैव–प्रौद्योगिकी और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान इसका प्रमाण है। उन्होंने कहा कि “विज्ञान से समृद्धि: आत्मनिर्भर भारत की ओर” थीम भारत की वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता की दिशा को स्पष्ट करती है।
मंत्री ने खुलासा किया कि भारत का पहला सर्व-मौसम बहुउद्देश्यीय अनुसंधान पोत 2028 तक तैयार होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, साथ ही मानव पनडुब्बी कार्यक्रम (मैनड सबमर्सिबल) भी निरंतर प्रगति पर है। उन्होंने देश द्वारा विकसित जलवायु मॉडल और डेटा की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता का भी उल्लेख किया।युवा पीढ़ी को केंद्र में रखते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि IISF में आयोजित विशेष सत्र—क्वांटम टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, ब्लू इकोनॉमी और डीप–टेक— उन्हें आधुनिक वैज्ञानिक करियर के नए अवसरों से परिचित कराते हैं। उन्होंने कहा कि आज विज्ञान का दायरा सरकारी नौकरियों से आगे बढ़कर स्टार्टअप, इंडस्ट्री रिसर्च और इनोवेशन–आधारित उद्यमों तक विस्तारित हो चुका है।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने साइंस टेक्नोलॉजी–डिफेंस–स्पेस प्रदर्शनी और “साइंस ऑन ए स्फीयर” इंस्टॉलेशन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अंटार्कटिका स्थित भारत के शोध स्टेशन ‘भारती’ के वैज्ञानिकों से लाइव बातचीत कर ध्रुवीय अनुसंधान प्रगति की समीक्षा भी की।कार्यक्रम में उपायुक्त सतपाल शर्मा, पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्ता, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, छात्र और युवा बड़ी संख्या में मौजूद रहे।