Hamirpur, Arvind-:हमीरपुर शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनसे होने वाली घटनाओं ने लोगों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। इसी मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए जिला बार एसोसिएशन ने जिला प्रशासन को एक लीगल नोटिस जारी किया है। एसोसिएशन का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा आवारा कुत्तों के नियंत्रण और प्रबंधन को लेकर जारी किए गए निर्देशों की जिले में सही तरीके से अनुपालना नहीं हो रही है, जिससे आम जनता निरंतर खतरे का सामना कर रही है।
शहर में बीते कुछ महीनों में आवारा कुत्तों के हमलों के कई मामले सामने आए हैं। हाल ही में एक युवक कुत्तों के हमले का शिकार हुआ, जिसके बाद रेबीज़ संक्रमण के कारण उसकी सात दिनों में मृत्यु हो गई। इससे पहले पिछले वर्ष एक प्रवासी परिवार की मासूम बच्ची को भी कुत्तों ने नोच कर मौत के घाट उतार दिया था। ऐसे कई मामले हैं, जिनमें कुत्ते महिलाओं, राहगीरों और स्कूली बच्चों पर हमला करते हुए देखे गए हैं। शहरवासियों में इस वजह से भय और गुस्सा दोनों बढ़ता जा रहा है।
बार एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य और पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट सुरेश ठाकुर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के जिलों को आवारा कुत्तों के पुनर्वास, टीकाकरण और जनसंख्या नियंत्रण के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हमीरपुर जिले में इन दिशानिर्देशों को प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया गया है, जिसके कारण आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ी है। एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों के लिए सुरक्षित शेल्टर की व्यवस्था की जाए और जल्द से जल्द बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाए।
उपायुक्त हमीरपुर अमरजीत सिंह ने इस संबंध में बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को लागू करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएगे, ताकि शहर के लोगों को राहत मिल सके और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।