नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के जर्मनी दौरे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता 15 से 20 दिसंबर तक इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के कार्यक्रम में शामिल होने बर्लिन जा रहे हैं, जबकि संसद का वर्तमान शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक चल रहा है। इसको लेकर भाजपा ने उन्हें निशाने पर लिया है और ‘पर्यटन वाला नेता’ करार दिया है।
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी बार-बार अपनी जिम्मेदारियों की उपेक्षा करते हुए विदेश यात्राओं पर जाते हैं। उन्होंने कहा, “LoP का मतलब उनके लिए ‘लीडर ऑफ पार्टीइंग’ और ‘लीडर ऑफ टूरिज्म’ है। हाल ही में बिहार चुनाव के दौरान वह जंगल सफारी पर थे। उनकी प्राथमिकताएं साफ हैं। यह भारत बदनाम करने का टूर भी हो सकता है।”
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी आरोप लगाया कि जब संसद सत्र चल रहा होता है, गांधी विदेश में समय बिताते हैं और बाद में बोलने का मौका न मिलने की शिकायत करते हैं। उन्होंने इसे “पार्ट-टाइम और गैर-गंभीर राजनीतिक रवैये” का उदाहरण बताया।
इस पर कांग्रेस ने पलटवार किया। पार्टी की वरिष्ठ नेता और राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री मोदीजी अपना लगभग आधा कार्यकाल देश के बाहर बिताते हैं। फिर विपक्ष के नेता के विदेश दौरे पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं?”
लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने भी कहा कि भाजपा के पास राहुल गांधी के सवालों का कोई जवाब नहीं है, इसलिए उन्हें बदनाम करने की कोशिश करनी पड़ रही है।
राजनीतिक हलकों में यह मामला संसद सत्र के बीच सियासी बहस का नया केंद्र बन गया है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं।