चंडीगढ़ | अमृतसर ईस्ट विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के मामले में अब कांग्रेस हाईकमान ने हस्तक्षेप कर लिया है। पार्टी ने पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल से इस मामले में पूरी रिपोर्ट तलब की है।
नवजोत कौर सिद्धू लंबे समय से कांग्रेस नेताओं के खिलाफ खुलकर बयानबाजी करती रही हैं। इसी कारण पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। निलंबन के बावजूद नवजोत का पार्टी नेतृत्व और पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के प्रति आक्रामक रुख जारी है।
सूत्रों के अनुसार, संसद सत्र के बाद दिल्ली में पंजाब कांग्रेस को लेकर हाईकमान की बैठक हो सकती है, जिसमें इस मामले पर अंतिम दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
बताया जा रहा है कि विवाद तब बढ़ा जब नवजोत कौर सिद्धू ने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर 500 करोड़ रुपये से जुड़ा बयान दिया। इसके बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के बावजूद उनका रुख न केवल पार्टी नेताओं बल्कि प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के प्रति भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
कांग्रेस हाईकमान की इस एंट्री को पार्टी के अंदर अनुशासन और नेताओं के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अब हाईकमान इस मामले की गहनता से जांच कर अंतिम फैसला लेगा, ताकि किसी भी तरह का आंतरिक विवाद पार्टी की छवि को नुकसान न पहुंचाए।