सिरसा, हरियाणा | महिला पुलिस थाने के बाहर 25 नवंबर को हुए ग्रेनेड हमले की जांच में एसआईटी को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने अमृतसर के तरनतारन रोड, गली बजाज पैलेस निवासी गुरजंट सिंह को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद एसआईटी आरोपी को मंगलवार को सिरसा लेकर पहुंची और कोर्ट में पेश किया। अदालत ने गुरजंट को आठ दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
पाकिस्तानी डॉन से ग्रेनेड कनेक्शन का खुलासा
सिरसा पुलिस के सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में गुरजंट सिंह ने बताया कि उसने पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी सोहेल के निर्देश पर गांव खारिया निवासी धीरज और विकास को ग्रेनेड सौंपे थे।
गुरजंट ने बताया कि ये ग्रेनेड उसे पट्टी तरनतारन निवासी राजबीर ने दिए थे। राजबीर ने उसे व्हाट्सएप कॉल कर कहा था कि “भट्टी भाई की तरफ से सामान देना है।” इसके बाद उसने गुरजंट को दो ग्रेनेड सौंप दिए।
18 से 22 नवंबर के बीच आरोपियों की गतिविधियां
गुरजंट ने स्वीकार किया कि 18 नवंबर को वह स्विफ्ट कार में धीरज, विकास, विक्की, सुशील और संदीप को लुधियाना से अमृतसर लेकर गया था।अमृतसर में उसने इन सभी के रहने, खाने और अन्य इंतजाम किए।
22 नवंबर को उसने धीरज और विकास को कपड़े में लपेटकर दो ग्रेनेड दिए।पुलिस रिमांड के दौरान एसआईटी आरोपी से स्विफ्ट कार, बाइक और मोबाइल फोन की बरामदगी करने के साथ अमृतसर में निशानदेही भी करवाएगी।
ऑनलाइन पेमेंट मॉड्यूल का पर्दाफाश
जांच में सामने आया कि फरीदाबाद निवासी शमशुल कमर उर्फ सम्सू आरोपी धीरज को ऑनलाइन भुगतान कर रहा था। उसने गुरुग्राम निवासी सिजान उर्फ गाज़ी के इशारे पर धीरज को कई बार पेमेंट भेजा था। 22 नवंबर 2025 को शमशुल ने धीरज के खाते में दो हजार रुपये डाले थे।पुलिस ने शमशुल के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन वह अभी तक गिरफ्त में नहीं आया।
हमले की पूरी पृष्ठभूमि
25 नवंबर को रात लगभग 10:15 बजे सिरसा महिला पुलिस थाने के बाहर ग्रेनेड हमला किया गया। घटना के कुछ देर बाद ही इसका वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गया। पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने हमले की जिम्मेदारी ली।
अगले दिन सिरसा पुलिस ने गांव खारियां से चार युवकों और शहर से एक युवक को गिरफ्तार किया।रिमांड के दौरान पुलिस ने धीरज से विस्फोटक का पिन भी बरामद किया। इसके बाद जांच में जुड़े छठे आरोपी सिजान उर्फ गाज़ी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।