चंडीगढ़ | हरियाणा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग नए साल से राज्य में राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह हाईटेक बनाने जा रहा है। हाई पावर परचेज कमेटी (एचपीसीसी) ने नई 5जी पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों की मंजूरी दे दी है, जिनमें फेस रीडिंग, फिंगरप्रिंट स्कैनिंग, आइरिस स्कैनिंग और ई-वजन माप जैसी उन्नत सुविधाएं शामिल होंगी। इस बदलाव के साथ सरकारी राशन वितरण प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी और सुरक्षित हो जाएगी।
पुराने सिस्टम की तुलना में यह नई तकनीक काफी आधुनिक होगी। अब तक राशन डिपो पर 2जी मशीनें इस्तेमाल की जा रही थीं, जिनका किराया 1250 रुपये प्रति माह था। लेकिन नए सिस्टम में सरकार का खर्च मॉडल बदला है, जिसके तहत अब प्रति कार्डधारक 3.25 रुपये किराया सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस हाईटेक सिस्टम पर सरकार को हर साल करीब 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय आएगा।
नई पीओएस मशीनें इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीनों से भी सीधे जुड़ी होंगी। इससे लाभार्थी को मिलने वाले राशन का वजन स्वतः मशीन में दर्ज होगा और तुरंत ही रसीद भी निकल आएगी। रसीद में दिए गए राशन का पूरा विवरण होगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम हो जाएगी।
राशन वितरण व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए सभी राशन डिपो पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना भी रखी गई है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए पंचकूला में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जहां दो राशन डिपो पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। यदि यह प्रोजेक्ट सफल रहता है तो इसे प्रदेश के सभी डिपो में लागू किया जाएगा।
फिलहाल हरियाणा में 41 लाख राशन कार्डधारक हैं, जिनमें से 26 से 27 लाख लोग नियमित रूप से राशन प्राप्त करते हैं। प्रदेश में कुल 9500 राशन डिपो हैं, जिन्हें धीरे-धीरे नए तकनीकी सिस्टम से लैस किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस हाईटेक व्यवस्था से लाभार्थियों को समय पर उनका हक का राशन अधिक सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सकेगा।