लुधियाना | पंजाब में बिजली बिल घोटाले के मामलों में पावरकॉम विभाग ने कड़े कदम उठाए हैं। लुधियाना शहर के करीब 40 बिजली मीटर रीडरों के खिलाफ आरोपों के मद्देनजर विभाग ने अधिकारियों और सुपरवाइजरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी आरोपी को बचाने के लिए सिफारिश या दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, पावरकॉम विभाग के गलियारों में चर्चा है कि कुछ सियासी दबावों के चलते मीटर रीडरों को बचाने की कोशिशें शुरू हो गई थीं। इस पर काबू पाने के लिए पावरकॉम के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह ने सभी संदिग्ध मीटर रीडरों की आई.डी. ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए हैं। पहले चरण में लुधियाना की नौ डिवीजनों में तैनात कुछ मीटर रीडरों की आई.डी. को निलंबित किया गया है।
पावरकॉम ईस्ट सर्कल के डिप्टी चीफ इंजीनियर सुरजीत सिंह ने कहा कि विभाग किसी भी आरोपी को बख्शेगा नहीं। सभी डिवीजनों में काम कर रहे अधिकारियों को मामले की गंभीरता से जांच करने और रिपोर्ट कार्ड सेंट्रल जोन कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कर्मचारी को संरक्षण नहीं मिलेगा और सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
इस कदम को पावरकॉम विभाग द्वारा बिजली घोटाले की रोकथाम और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।